सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं के अलावा ग्रामीण, परिजनों के साथ ही बसपा से जुड़े लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। एसपी सिटी पंकज गैरोला, सीओ ज्वालापुर अविनाश शर्मा व अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उन्हें समझाकर शांत किया। तब ट्रैक्टर ट्राॅली में शव रखकर गांव रवाना हो गए। गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और चौराहे पर शव को रखकर हंगामा शुरू कर दिया और सभी आरोपियों की गिफ्तारी की मांग पर अड़ गए।
हंगामे को देखते हुए पीएसी के अलावा जिलेभर से पुलिस फोर्स को गांव में बुला लिया गया। एसपी सिटी पंकज गैरोला, एसपी देहात शेखर सुयाल सहित तमाम अधिकारियों ने लोगों को समझाना शुरू किया। करीब घंटे के बाद यहां शव लेकर फिर सभी गुरु रविदास मंदिर पहुंचे। यहां शव को यहां रखकर पंचायत शुरू कर दी गई।
48, फिर 24 के बाद 36 घंटे में गिफ्तारी पर बनी बात
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुए हंगामे के बाद से आरोपियों की गिफ्तारी की मांग चल रही थी। कुछ लोगों ने आरोपी का एनकाउंटर तक करने की मांग उठाई। ग्रामीणों की मांग थी कि 24 घंटे के अंदर सभी आरोपियों गिफ्तार किया जाए, जबकि कुछ लोगों 48 घंटे तो की मांग रखी। इस बीच तय हुआ कि 36 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ अंतिम संस्कार
हंगामा शांत होने के बाद परिजन और ग्रामीण शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर श्मशान घाट के लिए रवाना हुए। गांव के ही श्मशान घाट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजन के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
बंद रही गांव की सभी दुकानें
युवक की हत्या के बाद गांव में रविवार की रात से ही पुलिस बल तैनात हो गया था। सुबह होते ही गांव में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई औ माहौल बदलता चला गया। इसके बाद गांव में लोगों ने अपनी दुकानें नहीं खोली। शाम तक हंगामा चला। इसके बाद गांव में सन्नाटा पसर गया।
दूर तक लोगों की भीड़, वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा
आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होक जट बहादरपुर पहुंचना शुरू हो गए थे। गांव में एंट्री करने के बाद से दूर तक लोगों की भीड़ लग गई थी। ऐसे में यहां से होकर दूसरे गांवों में जाने वाले वाहन सवारों को भी दूसरे रास्तों से भेजा गया।