स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के श्रीमहंत रविंद्र पुरी, श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और रमता पंचों ने उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी रख दी है। वे जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार प्राथमिकता में रहेगा। हरिद्वार महाकुंभ मेले को निर्विघ्न, दिव्य और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए वे कार्य करेंगे। अखाड़ा और संतों की परंपरा से कभी समझौता नहीं करेंगे।
‘भारतीय संस्कृति के सच्चे संवाहक हैं कैलाशानंद’
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि भारतीय संस्कृति के सच्चे संवाहक हैं। उन्होंने हमेशा भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया है। उनका जीवन मानव सेवा और संत समाज की सेवा में समर्पित है, ऐसे संत विरले ही होते हैं।
कैलाशानंद ने समाज को दी नई दिशा
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने हमेशा समाज को नई दिशा दी है। वे एक महान संत हैं और उन्होंने हमेशा मानव सेवा को ही अपना धर्म माना है।
पिछले साल 31 दिसंबर को कनखल स्थित श्री जगद्गुरु आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने स्वामी कैलाशानंद गिरि को संन्यास दीक्षा दी थी। एक जनवरी को कैलाशानंद गिरि ने जन्मदिन के साथ संन्यास दिवस भी मनाया।
भजन की प्रस्तुति देकर दी बधाई
पट्टाभिषेक कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद एवं भोजपुरी गायक मनोज तिवारी, प्रसिद्ध भजन गायिका अनुराधा पौडवाल ने भजन गाकर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि को बधाई दी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, भाजपा राष्ट्रीय संगठन मंत्री शिवप्रकाश, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, प्रदेश संगठन मंत्री अजेय कुमार, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, यूपी के कैबिनेट मंत्री सुरेश पासी, राज्य मंत्री सुनील भराला, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, राज्यमंत्री कपिल देव, मेयर अनीता शर्मा, रुड़की मेयर गौरव गोयल, महंत राम रतन गिरि आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि, महंत दुर्गादास, महंत दामोदर दास, महंत देवानंद, महंत प्रेम गिरि, महंत रविंद्र पुरी, महंत जसविंदर सिंह, महंत जगजीत सिंह, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, सतपाल ब्रह्मचारी, बाबा हठयोगी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार।