उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आठ अप्रैल को अखाड़ों और संतों की ओर से उनकी ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होेेंने बताया कि पुरी पीठ के पीठाधीश्वर से भी वार्ता हो गई है। उन्होंने भी अप्रैल में हरिद्वार पहुंचने की सहमति दी है। श्रद्धालुओं के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म करने के फैसले की भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सराहना की। उन्होंने कहा कि देशभर में मेले हो रहे हैं। चुनावी प्रचार और कार्यक्रम हो रहे हैं, लेकिन हरिद्वार के लिए बंदिश लगाना कतई उचित नहीं था। संत कोविड नियमों का पालन करेंगे और श्रद्धालुओं को भी प्रेरित करेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुंभ अवधि को लेकर भी विरोधाभाष है। यदि कुंभ एक अप्रैल से शुरू होगा तो 11 मार्च को महाशिवरात्रि का स्नान शाही कैसे हो सकता है। महाकुंभ की अवधि को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वैसे भी कुंभ अंग्रेजी साल की पहली तारीख से नहीं बल्कि पंचांग के अनुसार होता है।
छवि बचाने के लिए बदला सीएम
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की छवि जनता के बीच तानाशाह के रूप में हो गई थी। नौकरशाही हावी होने से सरकार की छवि प्रभावित हो रही थी। भाजपा नेतृत्व ने सरकार की छवि बचाने के लिए व्यक्ति को हटाना बेहतर समझा और सीएम बदले गए।
जोशीमठ में 25 करोड़ से बनेगा अस्पताल
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जोशीमठ में उनके ट्रस्ट की ओर से 100 बेड का अस्पताल बनाया जाना है। इसके लिए सरकार से जमीन मांगी थी, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अब जन सहयोग से अस्पताल बनाया जाएगा। सोमवार को जमीन की तलाश में जोशीमठ जाएंगे और जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरू होगा। 25 करोड़ की लागत के अस्पताल में 50 बेड प्रसूता और गर्भवती के लिए आरक्षित होंगे।