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हरिद्वार कुंभ 2021ः कुंभनगरी में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने स्नान करके उठाई कांवड़, तस्वीरें

Sun, 07 Mar 2021 03:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में कुंभ के साथ अब शारदीय कांवड़ यात्रा की पूरी रौनक है। बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे। हरकी पैड़ी समेत भी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। शिवभक्तों ने गंगा स्नान के बाद कांवड़ उठाई और अपने अपने जिलों के लिए रवाना हुए। महाशिवरात्रि के दिन शिवालयों में गंगाजल चढ़ाया जाना है। लगातार तीन दिन तक पेशवाइयों की धूम के बाद तीर्थनगरी में शनिवार को कांवड़ यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार रात से ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों से श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते ही कांवड़ यात्रियों ने कांवड़ उठाई और अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हुए। यह क्रम सुबह से शाम तक जारी था। हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे पर सबसे ज्यादा कांवड़ियों की वापस हुई। यह मार्ग बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठा। हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों के साथ ही अपर रोड पर दिनभर पैर रखने की भी जगह नहीं मिली। इस दौरान पुलिस को हरकी पैड़ी की तरफ जाने वाले अपर रोड को बंद करना पड़ा। वाहनों को दूसरे मार्ग से भेजा गया।

यह भी पढ़ें... हरिद्वार कुंभ 2021: महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर अलग रहेंगी पुलिस व्यवस्थाएं, तैयारियां शुरू
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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
कांवड़िया दुकानों पर जाकर सिंदूर, कांवड़, खेल-खिलोनों की जमकर खरीददारी कर रहे हैं। इसके साथ ही कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही। बाजारों में भीड़ उमड़ने से दुकानदारों के चेहरे खिल गए। 
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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर चार पहर में पूजा का विधान है। जिसमें प्रदोष काल शाम साढ़े छह बजे से साढ़े सात बजे तक रात्रि काल में नौ से 12 बजे तक, निशित काल एक से तीन बजे व महानिशित काल तीन से छह बजे पूजा होगी।

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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा 11 मार्च को चौदस दोपहर दो बजकर 40 मिनट पर आ रही है। उन्होंने बताया कि फाल्गुन मास की महाशिव रात्रि पर उपवास रखकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल प्राप्त करते है।
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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
दूध, दही, शहद, गन्ने का रस, गंगा जल, बूरा से रुद्राभिषेक करने से धन-धान्य, पुत्र, लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। बेलपत्र चढ़ाने वालों की विशेष मनोकामना पूरी होती है। शत्रु पर विजय व अपनी जीत के लिए सरसों के तेल से अभिषेक भी कर सकते हैं। रात्रि में जागरण कर शिव का गुणगान करने से सर्वोत्तम स्वर्ग की प्राप्ति होती है। 
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कांवड़ खरीदने वालों की भी जमकर भीड़ रही - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि के दौरान होने वाले जलाभिषेक को लेकर मंदिर समितियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। जलाभिषेक के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बिल्वकेश्वर मंदिर के महंत बलवीरपुरी ने बताया कि मंदिर प्रांगण में आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध रहेगा कि वह कोरोना के नियमों का पालन करें। इसके अलावा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ही जलाभिषेक करें। 
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