कार्रवाई कर सार्वजनिक करने के लिए भी कहा
आयोग के आदेश में यह भी था कि गंगा नदी से 200 मीटर दायरे में निर्माण पर सख्त प्रतिबंध लगाते हुए पक्का लिंटर डालने की स्वीकृति प्रदान करने की अनुमति देने वाले विभाग पर कार्रवाई कर इसे सार्वजनिक करने की कार्रवाई की जाए। नगर आयुक्त को निर्देश था कि वह पुलिस चौकी के बराबर लिंटर डालकर अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज वस्तुस्थिति से अवगत कराएंगे। मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने सचिव शहरी शासन, जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष एचआरडीए सहित नगर आयुक्त हरिद्वार को इस संबंध में आदेश भी जारी किया था।
‘आदेश की अनदेखी कर बना दी गई सौंदर्यीकरण की रूपरेखा’
कार्यालय हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, हरिद्वार की ओर से हरकी पैड़ी के विकास के लिए 21 जून, 2023 को विकास कार्य की कोई स्वीकृति शासन प्राप्त हुई है या नहीं इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई है। इसके जवाब में प्राधिकरण की ओर से विकास कार्य की स्वीकृति प्रदान करने संबंधी छायाप्रति भी सूचना मांगने वाले अपील करने वाले रमेश चंद्र शर्मा को उपलब्ध कराया गया है।
शर्मा का कहना है कि कुछ बिंदुओं पर अभिलेख वर्तमान में पत्रावली में धारित नहीं है का उल्लेख करते हुए सूचना देने में असमर्थता व्यक्त कर दी गई है। शर्मा ने लोक सूचना अधिकारी सहायक अभियंता हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के इस जवाब पर असहमति जताई है। उनका आरोप है कि शासन और सूचना आयोग के आदेशों की अवहेलना करते हुए सौंदर्यीकरण की रूपरेखा बनाई गई है।
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प्राधिकरण के प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिली है। इसमें कहीं भी अवैध अतिक्रमण की बात सामने आएगी तो उसको भी देखा जाएगा। फिलहाल विकास और सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे प्रयास में वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान रखने वाले हरकी पैड़ी क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया गतिमान है। यदि आवश्यकता पड़ी तो शासन से पुन: इस पर सुझाव लिया जाएगा। - धीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी, हरिद्वार