हरिद्वार वन प्रभाग के रसियाबड़ रेंज में रेडियो कॉलर किए गए टस्कर हाथी की पहली सेटेलाइट लोकेशन करीब 10:15 बजे मिली। हाथी की पहली लोकेशन जंगल के तीन किलोमीटर भीतर की थी। जबकि दूसरी लोकेशन करीब एक घंटे बाद 11:15 बजे हरिद्वार वन प्रभाग में मिली।
हरिद्वार वन प्रभाग को सेटेलाइट के माध्यम से प्रति एक घंटे में रेडियो कॉलर से हाथी की लोकेशन मिलती रहेगी। जैसे ही वह आबादी क्षेत्र की ओर आने का प्रयास करेगा तो उसकी लोकेशन के आधार पर उसे वहीं पर रोककर जंगल की ओर खदेड़ दिया जाएगा। जर्मनी की एक कंपनी ने हरिद्वार वन प्रभाग को रेडियो कॉलर उपलब्ध कराए हैं।
पालतू हाथी को 2018 में लगाया था रेडियो कॉलर
तीन लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतारने वाले एक नर हाथी को जनवरी 2018 में एंटीना आधारित रेडियो कॉलर लगाया गया था। रेडियो कॉलर के बाद उसे भेल क्षेत्र के दूर जंगल में छोड़ दिया गया था। कुछ महीने बाद ही वह वापस भेल क्षेत्र में लौटने लगा। इसके चलते उसे नवंबर 2018 में ट्रेंकुलाइज कर पालतू बना लिया गया था। इस हाथी को बाद में राजा नाम दिया गया था।