आत्मसमर्पण से पहले संतों से मिले त्यागी
जितेंद्र नारायण त्यागी ने अदालत में आत्मसमर्पण करने से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी से मुलाकात की। त्यागी के श्री निरंजनी अखाड़ा पहुंचने पर कई संत भी वहां पहुंचे।
त्यागी ने कहा कि जब से सनातन धर्म अपनाया है कुछ लोग उनके पीछे पड़ गए हैं। इस लड़ाई में अकेले हो गए हैं। इसका कोई अफसोस नहीं है। काफी सोच समझकर ही सनातन धर्म अपनाया है। त्यागी ने आरोप लगाया कि ज्वालापुर के कुछ लोगों ने रोशनाबाद जेल के अंदर उनको मारने की साजिश बनाई थी, लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता और सख्ती से साजिश कामयाब नहीं हुई।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि जितेंद्र नारायण त्यागी के जेल जाने से संत आहत हैं। कहा कि आखिर हिंदू धर्म अपनाकर त्यागी को क्या मिला। सभी संतों को त्यागी का साथ देना चाहिए था, लेकिन सभी ने नहीं दिया। कई संतों ने उनको बीच में छोड़ दिया। शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि जितेंद्र नारायण त्यागी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। इस लड़ाई में त्यागी के साथ हरदम खड़े रहेंगे।