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तो इसलिए उत्तराखंड की सबसे हॉट सीट बनी हरिद्वार

Mon, 31 Mar 2014 01:57 PM IST
डॉ. योगेश योगी/अमर उजाला, हरिद्वार
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धर्म-अध्यात्म की राजधानी हरिद्वार आजकल प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गई है। हरिद्वार को प्रदेश में लोकसभा चुनाव की सबसे हॉट सीट माना जा रहा है।
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यहां पर सूबे के सीएम हरीश रावत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है तो पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक खुद मैदान में हैं। आम आदमी पार्टी ने भी हरिद्वार सीट की महत्ता समझी और यहां से सशक्त उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत का संसदीय क्षेत्र हरिद्वार है। हरीश रावत ने 2009 के चुनाव में भाजपा के स्वामी यतींद्रानंद को हराकर यह सीट कांग्रेस की झोली में डाली थी। यहां से जीत दर्ज कर हरीश रावत केंद्र की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और यहां के सांसद रहते-रहते ही प्रदेश के मुखिया की कुर्सी तक पहुंचे।
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हरीश रावत के साथ ही उनका परिवार भी हरिद्वार में सक्रिय है। रावत की पत्नी रेणुका रावत और पुत्री अनुपमा रावत को यहां से टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है यदि कोई अन्य प्रत्याशी भी मैदान में आता है तब भी सीएम की साख इस सीट से जुड़ी है। सीएम के संसदीय क्षेत्र हरिद्वार पर कांग्रेस नेतृत्व की नजर भी रहेगी।

दो सीएम के आमने-सामने आने से मुकाबला दिलचस्प

भाजपा ने हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को टिकट देकर मुकाबले को कड़ा कर दिया है। भाजपा आसानी से इस सीट को हाथ से नहीं जाने देगी। एक तरफ वर्तमान सीएम की साख है तो दूसरी तरफ पूर्व सीएम सीट की चाहत में दिन रात एक किए हुए हैं।

मौजूदा और पूर्व सीएम की लड़ाई में आम आदमी पार्टी ने भी प्रदेश की पूर्व डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य के तौर पर मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। प्रदेश की पहली महिला डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य आम आदमी को पक्ष में करने के लिए जी-जान से जुटी हैं।

मोदी के अजीज रामदेव की गृह सीट
हरिद्वार सीट पर योगगुरु रामदेव की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। रामदेव को मोदी का अजीज माना जाता है। निशंक को टिकट दिलाने में रामदेव की भूमिका को लेकर खूब चर्चा फैली थी। इसलिए रामदेव चाहेंगे कि उनकी गृह सीट पर भाजपा जीतकर आए।
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सपा यहां पर दोहराना चाहती है इतिहास

हरिद्वार सीट समाजवादी पार्टी के लिए भी खास है। यह प्रदेश की एकमात्र ऐसी सीट है, जिस पर सपा भी एक बार काबिज रह चुकी है। वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर यहां से राजेंद्र बाड़ी संसद पहुंचे थे।

सपा को इस बार भी ऐसे ही कारनामे की उम्मीद है। सपा ने यहां से अजमल नवाज खान को प्रत्याशी बनाया है। लेकिन उनके अस्पताल में भर्ती होने के बाद सपा यहां से प्रत्याशी बदलने पर विचार कर रही है।

बसपा नेतृत्व का पूरा ध्यान हरिद्वार पर
बसपा के केंद्रीय नेतृत्व का उत्तराखंड में सबसे ज्यादा फोकस हरिद्वार सीट पर ही है। 2007 के विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले से बसपा के छह विधायक जीतकर आए थे। हालांकि 2012 में यह संख्या घटकर तीन हो गए।

अब पार्टी ने दो विधायकों को निलंबित कर दिया। ऐसे में बसपा चाहती है कि यहां से जीत दर्ज कर निलंबित विधायकों को सीख दी जाए।
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