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Harela festival: प्रदेशभर में मनेगा हरेला उत्सव, 15 लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे, जानिए क्या है खास तैयारी

Tue, 05 Jul 2022 05:34 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

वन मंत्री ने कहा कि वन पंचायतों को सुदृढ़ करने की दृष्टि से इस बार फलदार पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भविष्य में वहां के लोगों की आजीविका इनसे जुड़ सके। कहा कि इस बार क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के हिसाब से पौधों का चयन किया जाएगा।
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पौधरोपण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 16 जुलाई को हरेला पर्व प्रदेशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस दौरान वन विभाग ने प्रदेशभर में 15 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत पहली बार इस उत्सव पर 50 प्रतिशत से अधिक फलदार पौधे रोपे जाएंगे। इस संबंध में सोमवार को वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेशभर के वनाधिकारियों की बैठक ली।

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राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय परिसर में मंथन सभागार में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस बार क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों के हिसाब से पौधों का चयन किया जाएगा। इसके लिए पौध और तकनीक वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

हरेला पर्व पर स्कूल, कॉलेज और वन पंचायतों की सहभागिता को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पौधे लगाने के बाद वह जिंदा भी रहें और आने वाले समय में समाज को इनका लाभ मिले, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। वन मंत्री ने कहा कि वन पंचायतों को सुदृढ़ करने की दृष्टि से इस बार फलदार पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भविष्य में वहां के लोगों की आजीविका इनसे जुड़ सके। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के प्रभागीय वन अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

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हर वन पंचायत में लगाए जाएंगे 75 पेड़

सभी ने हरेला पर्व को लेकर अपनी तैयारियों के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि इस वर्ष हरेला के परिणाम अन्य वर्षों की अपेक्षा ज्यादा बेहतर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशस्तर पर मुख्यमंत्री और जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, पर्यावरणविद और समाजसेवी लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव को भी पौधरोपण के साथ जोड़ा जाएगा। इसके लिए हर वन पंचायत में 75 पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊपर पर्यावरण को बचाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए इस जिम्मेदारी का अहसास करते हुए इसे जनता की आजीविका से भी जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

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पुलिस वन और मेरा वन जैसी वाटिका विकसित की जाएंगी 

वन मंत्री ने कहा कि पुलिस वन और मेरा वन जैसी तमाम दूसरी वाटिकाएं प्रदेशभर में विकसित की जाएंगी। इसके तहत स्कूल, कॉलेज और तमाम विभागों को यह जिम्मा सौंपा जाएगा। लोग इन वाटिकाओं में अपने, परिजनों और दिवंगतों के नाम से पौधे लगा सकेंगे। इन पौधों को जिंदा रखने और संवारने की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति को ही दी जाएगी। 
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