हर वन पंचायत में लगाए जाएंगे 75 पेड़
सभी ने हरेला पर्व को लेकर अपनी तैयारियों के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि इस वर्ष हरेला के परिणाम अन्य वर्षों की अपेक्षा ज्यादा बेहतर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशस्तर पर मुख्यमंत्री और जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, पर्यावरणविद और समाजसेवी लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा। आजादी के अमृत महोत्सव को भी पौधरोपण के साथ जोड़ा जाएगा। इसके लिए हर वन पंचायत में 75 पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के ऊपर पर्यावरण को बचाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए इस जिम्मेदारी का अहसास करते हुए इसे जनता की आजीविका से भी जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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पुलिस वन और मेरा वन जैसी वाटिका विकसित की जाएंगी
वन मंत्री ने कहा कि पुलिस वन और मेरा वन जैसी तमाम दूसरी वाटिकाएं प्रदेशभर में विकसित की जाएंगी। इसके तहत स्कूल, कॉलेज और तमाम विभागों को यह जिम्मा सौंपा जाएगा। लोग इन वाटिकाओं में अपने, परिजनों और दिवंगतों के नाम से पौधे लगा सकेंगे। इन पौधों को जिंदा रखने और संवारने की जिम्मेदारी भी संबंधित व्यक्ति को ही दी जाएगी।