Iपूर्व सीएम हरीश रावत ने पार्टी के फैसले से इतर जाकर अपनी तय धन्यवाद जनसंवाद यात्रा पूरी कर ली है। बुधवार को उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से दिल्ली में संवाद करना है। हरदा अपनी ओर से पहले ही पार्टी के सभी पद छोड़ने की पेशकश कर चुके हैं। उनकी बात से स्पष्ट है कि वे पार्टी में पद पर रह कर राजनीति नहीं करना चाहते हैं और पार्टी को छोड़ना भी नहीं चाहते हैं।I
Iहरीश रावत ने पद छोड़ने का पत्र राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तक पहुंचा दिया है। बुधवार को पहले प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे से मिलने का समय मिल सकता है। इसके बाद ही उनके पद छोड़ने पर पार्टी हाईकमान कोई फैसला ले सकती है। हरीश रावत ने कहा, जब तक हैं कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में रहेंगे, लेकिन पार्टी में सवाल पद का है। मैंने प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के पद से मुक्त करने की राष्ट्रीय नेतृत्व से पेशकश की है।I
Iहरीश रावत ने धन्यवाद जनसंवाद यात्रा को लेकर प्रदेश प्रभारी की चिट्टी पर कहा, प्रदेश के कुछ नेताओं को परेशानी हो सकती है। अभी इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। दिल्ली जाकर प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मिलने का समय मिला है। उनके सामने अपनी बात रखूंगा। यदि पार्टी आगामी चुनावी के लिए यात्राओं का कोई कार्यक्रम तय करती है तो मैं भी उसमें शामिल हो जाऊंगा। मेरी यात्रा का कार्यक्रम ऐसे समय तय था, जब पार्टी का कोई अन्य कार्यक्रम नहीं चल रहा है। मैंने आठ से 10 यात्रा करने का प्लान बनाया था। यात्रा का मकसद आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस का झकझोरना था, जो पूरा हो गया है। प्रदेश जनता बदलाव के लिए बुला रही है, लेकिन सिर्फ एसआईआर के मुद्दे पर सचिवालय कूच करने तक सीमित नहीं रहना है। हमें चुनाव में जीत के लिए हर शहर, ब्लॉक व मोहल्ले में जाकर लोगों से मिलना होगा।I