फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरक के कार्यकाल में रखे 233 माली हटेंगे

Fri, 03 Jun 2016 10:58 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
हरक सिंह रावत - फोटो : file photo
विज्ञापन
उद्यान विभाग में पूर्व उद्यान और सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत के कार्यकाल में रखे गए 233 मालियों को हटाने की प्रक्रिया उद्यान विभाग ने शुरू कर दी है।
विज्ञापन


उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर रखे गए मालियों की तैनाती में नियमों की अनदेखी सामने आने पर शासन ने इन्हें हटाने का आदेश दिया है। हरक सिंह रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद विभाग के संज्ञान में गलती आई, जिसके बाद अब इन मालियों का अनुबंध नहीं बढ़ाने के निर्देश विभाग ने उपनल जारी कर दिए हैं।

वर्ष 2015 में उद्यान विभाग में एक वर्ष का माली प्रशिक्षण कोर्स करने वाले ट्रेंड मालियों की भर्ती आउटसोर्सिंग से करने के आदेश शासन ने विभाग को दिया था। इसके लिए जनपद वार रिक्त पदों के सापेक्ष आरक्षण नियमावली बनाकर पदों की विज्ञप्ति जारी हुई। आरक्षण नियमावली के अनुरूप शैक्षणिक योग्यताएं पूरी करने सापेक्ष साढ़े तीन सौ योग्य अभ्यर्थी मिले।
विज्ञापन


इसके बाद 233 पदों पर अनिवार्य माली ट्रेनिंग किए बिना अभ्यर्थियों को रखा गया। हालांकि अप्रशिक्षित रखे गए मालियों को अकुशल श्रेणी में तैनाती और मानदेय दिया जाता रहा। हरक सिंह रावत के अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद विभाग को गलती का अहसास हुआ। गलती को तुरंत दुरुस्त करने के लिए विभाग ने उपनल को पत्र भेजकर अप्रशिक्षित मालियों का करार समाप्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

आड़े आएगा शासनादेश
मालियों के अनुबंध को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन उपनल कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के मुख्य सचिव स्तर से जारी शासनादेश आड़े आ सकता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर शासन ने किसी भी उपनल कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने से संबंधित जो आदेश जारी किया था उसी का हवाला उपनल प्रबंधन ने उद्यान विभाग को भी दिया है। अप्रशिक्षित मालियों ने इससे संबंधित ज्ञापन भी सीएम को दिया है।

विभाग में माली पद पर प्रशिक्षण कोर्स कर चुके अभ्यर्थी ही रखे जा सकते हैं। बीते वर्ष 593 पदों पर आउटसोर्सिंग से हुई भर्ती में 233 माली अप्रशिक्षित रखे गए थे, जबकि प्रदेश में ट्रेंड अभ्यर्थी मौजूद हैं। उस समय किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ इस संबंध में जानकारी नहीं है। शासन के निर्देश पर अप्रशिक्षित मालियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जो माली हटाए जा रहे हैं उनमें से कुछ को विभाग चतुर्थ श्रेणी (अकुशल) में सेवाएं देने पर भी विचार हो रहा है।
विज्ञापन

- बीएस नेगी, निदेशक उद्यान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें