पूर्व में तराई बीज विकास निगम (टीडीसी) के अध्यक्ष पद से रुखसत होने वाले उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह अब फिर से निगम के अध्यक्ष बन गए हैं।
नौ मई 2013 के आदेश के तहत शासन ने एफआरडीसी को यह कुर्सी सौंपी थी। अब इस आदेश को निरस्त करते हुए हरक सिंह को एक बार फिर से टीडीसी का अध्यक्ष बना दिया गया है।
इसके साथ ही हरक सिंह को टी बोर्ड का अध्यक्ष भी बनाया जा रहा है। हद तो यह है कि इस सारे काम को इतने गुपचुप तरीके से अंजाम दिया गया कि एक सप्ताह बाद भी किसी को खबर नहीं लगने दी गई।
लाभ के पद के कारण कुछ समय पहले ही हरक सिंह को तराई बीज विकास निगम का पद छोड़ना पड़ा था। नौ मई 2013 को इसका शासनादेश जारी हुआ था। इस आदेश के तहत ग्राम्य विकास आयुक्त को टीडीसी का जिम्मा सौंपा गया था। अब इस आदेश को निरस्त करते हुए हरक सिंह को फिर से टीडीसी का अध्यक्ष बना दिया गया है।
कुछ समय पहले ही हरक सिंह को लाभ के पद के दायरे में आने के कारण यह पद छोड़ना पड़ा था। बाद में सरकार ने इस पद को लाभ के पद के दायरे से बाहर कर दिया था। उस समय हरक सिंह का कहना था कि एक्ट के मुताबिक वे टीडीसी अध्यक्ष बने रहे सकते हैं।
कानूनी दांव पेच की उलझन ही थी जो हरक सिंह केमामले को कुछ समय तक उलझाए रखीं पर बाद में हरक सिंह को यह पद छोड़ना पड़ा था। एफआरडीसी एस राजू के मुताबिक कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को टी बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का आदेश जारी किया जा चुका है।
खुद हरक सिंह का कहना है कि यह पुरानी बात हो चुकी है। वे टीडीसी की एक बैठक ऊधमसिंह नगर में ले चुके हैं। फिर भी विवाद का दबाव ही है कि हरक सिंह अध्यक्ष बन जाने के बाद भी खुलकर बैटिंग नहीं कर पा रहे हैं।
इस मामले में पूछे जाने पर प्रमुख सचिव रामास्वामी ने चुप्पी साधे रखी। उधर, संयुक्त सचिव देवेंद्र पालीवाल ने बताया कि निदेशक बनाने के बाद कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को टीडीसी अध्यक्ष बना दिया गया है। टी बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए अनुमोदन हो चुका है।
सीधी निगरानी हो पाएगी
इसमें नैतिकता का सवाल नहीं है। मंत्री निगम और बोर्ड का अध्यक्ष होता है तो वह सीधे निगरानी कर पाता है। मैने केदारनाथ आपदा के चलते टीडीसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। आपदा के कारण मैं निगम को समय नहीं दे पा रहा था। अब अध्यक्ष बना हूं तो पूरी कोशिश करूंगा टीडीसी बेहतर काम करे। चाय बागानों को लेकर भी योजनाएं हैं।
- हरक सिंह, कैबिनेट मंत्री कृषि और उद्यान