पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को सितारगंज विधानसभा क्षेत्र से निकालकर राज्यसभा में भेजने के लिए हरीश रावत सरकार के दो मंत्री खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और सुरेंद्र सिंह नेगी ने बहुगुणा को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाने की वकालत की है।
हरक सिंह ने न सिर्फ विजय बहुगुणा का समर्थन किया, बल्कि किसी बाहरी की उम्मीदवारी पर आपत्ति भी जताई है। राज्यसभा की एक सीट के लिए दावेदारों की बढ़ती संख्या के बीच दो मंत्रियों के बहुगुणा के समर्थन में उतरने से कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है।
विपरीत सियासी परिस्थितियों में विधायकों की संख्या बढ़ाने वाली कांग्रेस का अंकगणित राज्यसभा की उम्मीदवारी को लेकर गड़बड़ा रहा है। कांग्रेस को न तो भाजपा से उम्मीदवारी की चुनौती मिल रही है और न ही इस मुद्दे पर सरकार का साथ दे रहे पीडीएफ विधायकों का कोई दबाव है। बावजूद इसके, कांग्रेस के अंदर मचे घमासान ने केंद्रीय नेतृत्व को सतर्क कर दिया है।
इसी सिलसिले में प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी लंबे समय बाद 3 नवंबर को देहरादून पहुंच रही हैं। पहले इसी दिन दिल्ली में राज्यसभा की उम्मीदवारी को लेकर ‘पंचायत’ बैठनी थी।
प्रीतम सिंह और यशपाल आर्य भी संपर्क में
अंबिका सोनी न सिर्फ कांग्रेस विधायकों की राय जानेंगी, बल्कि सहयोगी निर्दलीय और अन्य दलों (पीडीएफ) के विधायक भी उनसे मिलेंगे। बहरहाल, बहुगुणा कैंप इन दिनों सीएम हरीश रावत से नाराज विधायकों की सूची तैयार कर रहा है। ताकि प्रदेश प्रभारी के सामने स्पष्ट मैसेज जाए।
मंत्री प्रीतम सिंह पहले से ही बहुगुणा कैंप में गिने जाते हैं। वहीं बदले हालतों में बहुगुणा खेमा यशपाल आर्य के भी संपर्क में है।
बोले मंत्री
बहुगुणा राज्यसभा के लिए सबसे बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैं। किसी बाहरी को राज्यसभा में भेजने का फायदा प्रदेश को नहीं मिलता। पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा प्रदेश की समस्याओं व आवश्यकताओं से वाकिफ हैं। बाहर के जो लोग पहले यहां से राज्यसभा में भेजे गए, पलटकर नहीं देखा।
-हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री
वैसे तो उम्मीदवारी का फैसला कांग्रेस आलाकमान को लेना है, लेकिन बहुगुणा वरिष्ठ नेता हैं, जिन्हें राज्यसभा में जाना चाहिए।
-सुरेंद्र सिंह नेगी, स्वास्थ्य मंत्री