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देहरादून: निजी आयुर्वेद, यूनानी कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे से भरी जाएंगी आधी सीटें, प्रस्ताव पर लगी मुहर

Wed, 02 Nov 2022 03:07 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

कॉलेजों में हर साल बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के दाखिलों के लिए आयुर्वेद विवि की ओर से ऑनलाइन काउंसिलिंग कराई जाती है। हर साल कॉलेजों की 85 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे के तहत आयुर्वेद विवि भरता है और 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे की सीटें अखिल भारतीय स्तर की काउंसिलिंग से भरी जाती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राज्य के निजी आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी कॉलेजों में इस बार यूजी की आधी सीटें ऑल इंडिया काउंसिलिंग से भरी जा सकती हैं। उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के काउंसिलिंग बोर्ड ने निजी कॉलेजों के इस प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद शासन को भेज दिया है।

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राज्य में करीब नौ आयुर्वेदिक, तीन होम्योपैथिक, एक यूनानी निजी कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में हर साल बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस के दाखिलों के लिए आयुर्वेद विवि की ओर से ऑनलाइन काउंसिलिंग कराई जाती है। हर साल कॉलेजों की 85 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे के तहत आयुर्वेद विवि भरता है और 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटे की सीटें अखिल भारतीय स्तर की काउंसिलिंग से भरी जाती हैं।

निजी कॉलेज लगातार मांग कर रहे हैं कि चूंकि प्रदेश में उनके पाठ्यक्रमों में आने वाले छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। हर साल उनकी राज्य कोटे की सीटें खाली रह जाती हैं, जो कि बाद में ऑल इंडिया कोटे से भरी जाती हैं। इसलिए स्टेट कोटा और ऑल इंडिया कोटा का अनुपात 85:15 के बजाय 50:50 कर दिया जाए। 
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विवि के कुलपति प्रो. सुनील जोशी की अध्यक्षता में हुई काउंसिलिंग बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव आया। बोर्ड ने इसे इस आधार पर स्वीकार कर लिया है कि नियमों के हिसाब से ऑल इंडिया कोटे में कम से कम 15 प्रतिशत सीटें देने का प्रावधान है। बोर्ड की बैठक में डीन होम्योपैथिक डॉ. अजय विक्रमादित्य, डीन यूनानी प्रो. हारून अली सहित सदस्य शामिल हुए। 

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काउंसिलिंग बोर्ड ने प्रस्ताव को माना
निजी कॉलेजों में सीटें खाली रहने की वजह से आधी सीटें ऑल इंडिया और आधी स्टेट कोटे से भरने की मांग की थी। काउंसिलिंग बोर्ड ने प्रस्ताव को मान लिया है। शासन को भेज दिया गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद इस साल की आयुष यूजी काउंसिलिंग में इसे लागू किया जाएगा। - डॉ. राजेश अदाना, कुलसचिव, आयुर्वेद विवि

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आयुर्वेद विवि की मान्यता पर बैठक आज, शासन भेजेगा शपथपत्र
आयुर्वेद विवि के हर्रावाला, ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर की मान्यता को लेकर राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग की ओर से आपत्ति आने के बाद बुधवार केे सचिवालय में बैठक होगी। सचिव आयुष डॉ. पंकज पांडेय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में आयोग की ओर से गिनाई गईं 12 कमियों और उनके निवारण पर चर्चा होगी। विवि कुलसचिव डॉ. राजेश अदाना ने बताया कि उन्होंने शासन से अनुरोध किया है कि सभी कमियां दूर करने को शासन स्तर से आयोग को शपथपत्र भेजा जाए। उन्होंने कहा कि वैसे भी आयोग शासन के पत्र को ही स्वीकार करता है। 
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