ललित आर्या की पत्नी हंसा ने बताया कि वह सुबह काम पर गई थी। सोमवार को उसे मजदूरी का पैसा मिलने वाला था। सागर साइकिल खरीदने की जिद कर रहा था। उसे भरोसा दिलाया था कि साइकिल खरीद लेंगे। ललित आर्या की तीन संतानों में सागर इकलौता बेटा था।
नहर मरम्मत की कोई सुध नहीं ले रहा
पूर्व बीडीसी सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट का कहना है कि वह पांच साल से नहर मरम्मत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पास शिकायत लेकर जाते हैं तो वे बजट न होने की बात कहते हैं। खेड़ा की प्रधान लीला बिष्ट ने बताया कि उन्होंने भी नहर की मरम्मत का मुद्दा उठाया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ।
डेढ़ साल में जा चुकी हैं तीन जानें
इस नहर में डूबने से डेढ़ साल के अंदर तीन मासूम बच्चों की जान गई है।
गौलापार में कई स्थानों पर नहरें क्षतिग्रस्त हैं। इन नहरों को रात में चलने वाले चोरी के खनन वाहनों द्वारा तोड़ा जाता है। जब-जब नहर की मरम्मत की जाती है, अवैध और खनन चोरी में लगे वाहन इन्हें तोड़ देते हैं। विभाग को मरम्मत मद में इतना पैसा नहीं मिलता है कि पूरी नहरों का पुनर्निर्माण किया जाए। नहर को वाहनों से तोड़े जाने की शिकायत भी कई बार प्रशासन को की गई है।
- आनंद सिंह नेगी, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग।