गाजियाबाद में दोनों के हैं कोल्ड स्टोर
भाई अनुराग ने बताया कि पंकज और जितेंद्र दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। कहा कि दोनों साथ ही बिजनेस करते थे। पंकज और जितेंद्र के पास कोल्ड स्टोर का काम था। साथ ही दोनों बर्फ बनाने का काम भी करते थे।
लेने गए थे बेटे को घर पहुंचा शव
अनुराग की 11 दिसंबर को शादी थी। इसलिए पंकज बेटे को लेने के लिए सोमवार शाम नैनीताल के लिए निकले। उन्होंने अपने दोस्त जितेंद्र से पूछा तो उसने भी नैनीताल जाने पर हामी भर दी। दोनों का प्लान था कि वह तीन नवंबर को नैनीताल घूमेंगे और शाम को बेटे को लेकर गाजियाबाद आ जाएंगे लेकिन तीन नवंबर को पंकज का शव घर पहुंचा। इससे घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।