उत्तराखंड के 760 हाजी खुशियों की सौगात लेकर मक्का शरीफ से लौटे। जद्दा (सऊदी अरब) से उड़ान भरकर पहली फ्लाइट दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उतरी।
बयान नहीं कर सकते खुशियां
हल्द्वानी के आजाद नगर के हाफिज मोहम्मद हुसैन, मोहम्मद तारिक, शमशाद हुसैन, अखलाक हुसैन, शकील अहमद, सलीम अहमद अब्दुल रशीद भी इन्हीं मुबारक लोगों में हैं।
फोन पर उन्होंने बताया कि खुदा की पाक सरजमीं पर हज का फरीजा अदा कर जो खुशियां नसीब हुईं, उसे बयान नहीं कर सकते। बस यही दुआ है कि जिन लोगों ने हज नहीं किया, उन्हें खुदा जल्द से जल्द हज पर जाने की तौफीक दे।
बरेली रोड निवासी मेंबर इंतजार हुसैन, परवेज सिद्दीकी, लड्डन भाई आदि ने बताया कि हज के सफर के 42 दिन उनकी जिंदगी के सबसे कीमती दिन रहे। वहां का बरकतों भरा एक-एक पल जिंदगी भर नहीं भूल सकते।
औपचारिकताएं पूरी करने में लगे ढाई घंटे
दिल्ली में एयरपोर्ट पर फ्लाइट उतरने के बाद हाजियों को औपचारिकताएं पूरी करने में लंबा समय लगा। सवा 12 बजे की फ्लाइट के हाजी पौन तीन बजे बाहर आए। हज टर्मिनल के बाहर परिजन उनके इंतजार में टकटकी लगाए रहे।