गर्म मौसम में भी स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय है। अस्पतालों में अब भी स्वाइन फ्लू से पीड़ित और संदिग्ध मरीज पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर इसे वायरस के मिजाज में बदलाव के संकेत मान रहे हैं। ऐसे में डाक्टर लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्वाइन फ्लू का एच1एन1 वायरस अमूमन तीस डिग्री तापमान के आसपास पहुंचने पर निष्क्रिय होने लगता है। पिछले कुछ दिन से दून का तापमान तीस डिग्री के आसपास है, लेकिन संदिग्ध मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं।
रविवार को ही स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक महिला की मौत हुई है। जबकि शनिवार को मृत एक अन्य मरीज में निजी लैब ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि की है। 20 मार्च को सात मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी।