राजधानी देहरादून में पुलिस की वन-वे व्यवस्था को मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने ‘रेड सिग्नल’ दिखा दिया है।
अब शुक्रवार से दर्शनलाल चौक व राजपुर रोड तक कोई रूट डायवर्जन प्लान नहीं चलेगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस व्यवस्था से खुश नहीं थी।
एसएसपी ने दिए थे निर्देश
घंटाघर चौक, दर्शनलाल चौक, राजपुर रोड, कनक चौक और लैंसडोन चौक में ट्रैफिक का भार कम करने के लिए एसएसपी केवल खुराना के निर्देश पर पिछले चार दिनों से शहर का मध्य भाग पूरी तरह से डायवर्ट किया गया था। पहले तीन दिन केवल शाम के दो घंटे किया गया।
जबकि गुरुवार को सुबह 11 बजे से पांच बजे तक रूट डायवर्ट किया गया। रूट डायवर्जन ट्रायल के पहले दो दिन जाम की स्थिति बनी। इससे जहां व्यापारी चिढ़ गए। वहीं आम लोगों को भी फजीहत झेलनी पड़ी।
लेकिन गुरुवार को पुलिस ने साइड बोर्ड और दिर भर ट्रायल चलाया तो पुलिस का ट्रायल अपना काम दिखाने लगा। हालांकि इसका विरोध घंटाघर के व्यापारियों ने किया उन्होंने राजपुर रोड का चक्का जाम भी किया।
यहां भी राजनीति
बाद में व्यापारियों ने काबिना मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार और उमेश शर्मा ‘काउ’ के खिलाफ रोष प्रकट किया। सूत्रों के अनुसार, सरकार को फीडबैक मिला कि इस पूरे प्रकरण पर कहीं जनता और व्यापारी कांग्रेस के खिलाफ हो सकती है।
जिसका फायदा भाजपा उठा सकती है। उसके तुरंत बाद मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने एसएसपी केवल खुराना को पूरी व्यवस्था को तुरंत रोकने का फरमान सुनाया।
विधायक राजकुमार ने बताया जनता परेशान हो रही थी। इसलिए सरकार ने तुरंत इसे रोकने को कहा है। एसएसपी को किसी भी व्यवस्था बनाने से पहले उसके व्यवहारिक पक्ष की समीक्षा करनी चाहिए।