दो दिवसीय चॉक डाउन हड़ताल के बाद भी मांगों पर कार्रवाई न होते देख राजकीय शिक्षक संघ ने सोमवार से प्रदेश के सभी स्कूलों में अनिश्चितकालीन तालाबंदी का ऐलान कर दिया है।
इससे पूर्व शनिवार को प्रदेशभर के खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) और मुख्य शिक्षाधिकारी (सीईओ) कार्यालयों पर तालाबंदी के साथ प्रदर्शन किया गया।
शिक्षक डरने वाले नहीं
शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करनैल सिंह का कहना है कि सरकार शिक्षकों की मांगों की लगातार अनसुनी कर रही है। कई बार आश्वासन देकर भी कार्रवाई नहीं की जाती। सिंह ने कहा कि विभाग के अधिकारी शिक्षकों पर एस्मा लगाने की बात कर रहे हैं, लेकिन शिक्षक इससे डरने वाले नहीं हैं।
सभी मांगों पर जीओ आने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सोमवार को संघ से जुड़े प्रदेशभर के शिक्षक अपने स्कूलों में उपस्थिति दर्ज नहीं कराएंगे। वे स्कूलों में तालाबंदी कर सीईओ कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।
उधर, दून के सीईओ कार्यालय में प्रदर्शन करने वालों में प्रांतीय महामंत्री सरदार सिंह चौहान, संगठन मंत्री आरबी सिंह, प्रांतीय संयुक्त मंत्री रेनू शर्मा, जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, जिला मंत्री नागेंद्र पुरोहित, एमएम सिद्दीकी, जगमोहन सिंह रावत, प्रेम सिंह बिष्ट, रमेश खंडूड़ी, जयपाल सिंह, उमाशंकर, दर्शन गैरोला, जयपाल सिंह गुसांई, ओम प्रकाश आदि शामिल रहे।
परीक्षाएं सिर पर, शिक्षक हड़ताल पर
स्कूलों में 13 अक्तूबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू होनी हैं। शिक्षकों की हड़ताल लंबी खिंची तो परीक्षाएं नहीं हो पाएंगी। वहीं, इन दिनों हड़ताल की वजह से भी शिक्षण कार्य पर असर पड़ रहा है। बच्चों का कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। कुछ दिनों बाद दशहरा-दिवाली की छुट्टियां पड़ जाएंगी। ऐसे में शिक्षकों की इस हड़ताल से बच्चों को नुकसान उठाना पड़ेगा।