कर्मचारी संगठनों की हड़ताल से परेशान सरकार ने कर्मचारियों को मनाने और समझाने की एक और पहल की है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जहां वार्ता से हल निकालने के लिए कुछ और समय देने को कहा है वहीं संयम लहजे में यह भी समझा दिया कि उत्तर प्रदेश के कर्मचारी उत्तराखंड के कर्मचारियों से कम वेतन पा रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों के नाम जारी अपील में मुख्यमंत्री ने कहा है कि कर्मचारी संगठनों को तुरंत समाधान चाहिए जबकि सरकार को इसके लिए समय चाहिए। वेतन विसंगति का मामला पेचीदा है और जल्दबाजी में इसका हल निकालने से और विसंगतियां पैदा हो जाएंगी। उन्होंने जनता से पूछा कि आप भी बताएं, सरकार क्या करे। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई।
हड़ताल से निजात को क्या किया
वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश की अध्यक्षता में समिति गठित
कर्मचारी संगठनों की सीएम से वार्ता का समय तय किया
कर्मचारी कल्याण निगम की स्थापना करने का फैसला
ये हैं हड़ताल पर
कलेक्ट्रेट के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी
संग्रह अमीन संघ
माध्यमिक शिक्षक संघ सोमवार से तालाबंदी पर अमादा
पर्वतीय पटवारी महासंघ भी आंदोलन की राह पर
सीएम का है कहना
कर्मचारी संगठनों के बीच लगभग 20 वर्ष कार्य करने का अनुभव मुझे है। मैंने कभी नहीं देखा कि एक ही संवर्ग के तीन वर्ग पदोन्नति को लेकर हड़ताल पर हों या अधिकारी के साथ तनातनी को लेकर भी कोई हड़ताल पर जाए।
- हरीश रावत, मुख्यमंत्री
बोले कर्मचारी
कर्मचारी संगठनों से बातचीत में सहमति बनती है तो उसका पालन होना चाहिए। सरकार खुद ही वेतन विसंगतियां पैदा कर रही है। एक संवर्ग का ग्रेड पे 4200 दिया गया तो फील्ड कर्मचारियों को क्यों नहीं दिया गया।
- प्रहलाद सिंह, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद