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यहां चौथी-पांचवीं के बच्चों को नहीं है अक्षर ज्ञान

Wed, 02 Apr 2014 11:53 AM IST
अमर उजाला, विकासनगर
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सरकार और शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में सुधार के दावों की पोल ग्रामीण अंचलों के स्कूल खोल रहे हैं।
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मंगलवार को कालसी प्रखंड के खंड शिक्षा अधिकारी मुनीश चंद्र मिश्रा जब स्कूलों के निरीक्षण को पहुंचे तो एक स्कूल में प्रधानाध्यापक गायब मिले।

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उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। बच्चों का पढ़ाई का स्तर जांचने लगे तो चौथी और पांचवीं कक्षा के छात्र अक्षर तक नहीं पहचान सके। इस पर बीईओ ने शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान शिक्षक मिले नदारद

राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोहारी के निरीक्षण को पहुंचे बीईओ को प्रधानाध्यापक रविंद्र सिंह पुंडीर अनुपस्थित मिले। बीईओ ने उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया है। स्कूल में महज एक छात्र संख्या के सापेक्ष पांच शिक्षक तैनात किए गए हैं।

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बीईओ ने छात्रसंख्या बढ़ाने के लिए एसएमसी की बैठक बुलाने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय लोहारी में महज तीन छात्र पंजीकृत मिले। छात्रों का शैक्षिक गुणवत्ता स्तर न्यूनतम मिला। कक्षा चार और पांच के छात्र अक्षर तक नहीं पहचान सके।

बीईओ ने शिक्षकों जमकर फटकार लगाई और पढ़ाई में सुधार लाने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय लोहारी में एक शिक्षिका देरी से स्कूल पहुंची।

बीईओ ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण तलब किया है। बीईओ मुनीश मिश्रा ने कहा कि आगे भी स्कूलों का निरीक्षण जारी रहेगा।

दुरुस्त मिली व्यवस्थाएं

बीईओ मुनीश मिश्रा ने बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर सचल दल के साथ जीआईसी लखवाड़, नागथात, हाईस्कूल बेसोगीलानी का भी निरीक्षण किया। इन स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली।

छात्र एक, शिक्षक पांच
शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब गजब हैं। कहीं शिक्षकों का अकाल है तो कहीं महज एक छात्र संख्या पर प्रधानाध्यापक समेत पांच शिक्षकों की तैनाती की गई है।

ऐसा ही मामला कालसी प्रखंड के जूनियर हाईस्कूल लोहारी में प्रकाश में आया है। स्कूल बीईओ कार्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर हैं। यहां तक सड़क पहुंचती है।

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विद्यालय में अध्ययनरत एक छात्र को पढ़ाने के लिए विभाग पांच शिक्षकों पर प्रत्येक माह दो लाख रुपये वेतन के रूप में खर्च कर रहा है। यहां तैनात अधिकांश शिक्षक दून से अपडाउन करते हैं।

जबकि विकासखंड के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी है। दो स्कूल शिक्षकों के अभाव में बंद पडे़ हैं।
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यहां है बुरा हाल

विकासखंड के जूनियर हाईस्कूल पंजिया और कांडोई में छात्र संख्या 110 है, जबकि  पंजिया में दो और कांडोई में महज तीन शिक्षक तैनात हैं।

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शिक्षकों के अभाव में विकासखंड के दो जूनियर हाईस्कूल सकरौल और ककनोई लंबे समय से बंद पडे़ हैं। विकासखंड के जूनियर हाईस्कूल सराड़ी में एक शिक्षक तैनात है। शिक्षक के छुट्टी में जाने पर स्कूल में ताले लटक जाते हैं।

जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अधिक है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। यहां से शिक्षकों को जरूरत के हिसाब से अन्य स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।
- पदमेंद्र सकलानी, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक)
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