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खुशखबर: सवा लाख सरकारी कर्मचारियों को दैनिक भत्ते की सौगात, हर दिन मिलेगी इतनी रकम

Thu, 10 Jan 2019 10:49 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सरकार ने कर्मचारियों को मिलने वाले दैनिक, आवास व स्थानांतरण यात्रा भत्ते के मानकों में बदलाव कर सौगात दी है। इससे प्रदेश के सवा लाख कार्मिकों को दैनिक भत्ते का लाभ मिलेगा। कर्मचारी का तबादला होने पर वर्तमान में मौजूद जिला से जिला के मानक को बदल कर किलोमीटर के हिसाब से स्थानांतरण यात्रा भत्ता निर्धारित किया गया।

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इससे यदि किसी कर्मचारी का देहरादून से कालसी स्थानांतरण होता है तो उसे भी यात्रा पर होने वाले व्यय का भुगतान होगा। अभी तक यह विसंगति थी कि देहरादून से हरिद्वार तबादला होने वाले कर्मचारी को ज्यादा भत्ता देय था। जबकि जनपद के अंदर अधिक दूरी होने के बावजूद कार्मिकों को कम भत्ता मिलता था।

वेतन समिति के अध्यक्ष इंदु कुमार पांडे की रिपोर्ट पर सरकार ने इस विसंगति को दूर किया। लंबे समय से प्रदेश के कर्मचारी भत्तों का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को कैबिनेट ने आवास, दैनिक भत्ता और स्थानांतरण यात्रा भत्ते को मंजूरी दे दी है।
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5400 ग्रेड पे से नीचे के कर्मचारियों को अभी दैनिक भत्ते के रूप में प्रतिदिन मात्र 80 रुपये मिलते थे। इसमें ठहरने, खाने व यात्रा का किराया सब कुछ शामिल था। लेकिन अब उन्हें प्रतिदिन पांच सौ रुपये देय होंगे। 

 

एकमुश्त दैनिक भत्ता व परिवहन व्यय का ब्योरा

पद का स्तर                    ठहरने व खाने(रुपये में प्रतिदिन)        परिवहन व्यय
सचिव                                 1200                                     सरकारी कार्यक्रमों के अनुरूप वास्तवित व्यय के अनुसार एसी टैक्सी
अपर सचिव, एचओडी             1000                                    50 किमी. तक यात्रा के लिए एसी टैक्सी
एसडीएम, सहायक आयुक्त        900                                     300 रुपये प्रतिदिन
उप निदेशक, सहायक निदेशक    800                                        200 रुपये प्रतिदिन
कनिष्ठ कर्मचारी                       500                                        100 रुपये प्रतिदिन

आवास भत्ते के लिए शहरों की श्रेणी 
कर्मचारियों का स्थानांतरण होने पर क्षेत्र की श्रेणी के हिसाब से स्थानांतरण यात्रा भत्ता तय किया गया। इसमें बी-2 श्रेणी में देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, सी श्रेणी में जनपद मुख्यालय हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर (रुद्रपुर), अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी, गोपेश्वर(चमोली), उत्तरकाशी, बागेश्वर, चंपावत, रुद्रप्रयाग, काशीपुर, हल्द्वानी के साथ काठगोदाम, भवाली, चकराता, मुक्तेश्वर, रुड़की, मसूरी के नगर पालिका क्षेत्र को शामिल किया गया। बी-2 और सी श्रेणी के शहरों को छोड़ कर शेष क्षेत्र को अवर्गीकृत में जोड़ा गया। 
 
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ये मिलेगा आवास भत्ता

बी-2 श्रेणी के शहरों में मकान किराये भत्ता नौ प्रतिशत या 2500 रुपये में से जो अधिक हो तथा अधिकतम 12 हजार रुपये तय किया है। सी श्रेणी शहरों के लिए ये दर सात प्रतिशत अथवा 2100 रुपये में से जो अधिक हो तथा अधिकतम 8000 रुपये और अवर्गीकृत श्रेणी के क्षेत्रों में तबादला होने पर पांच प्रतिशत अथवा 1800 रुपये में से जो भी अधिक हो या अधिकतम सात हजार रुपये किया गया है। इस निर्णय से सवा लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे और खजाने पर 101 करोड़ खर्च का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

परिवहन भत्ते की दरें ये होंगी
दिल्ली में तैनाती पर: वेतन मैट्रिक्स के लेवल 10 व उससे ऊपर के कार्मिकों को 5000 प्रतिमाह
वेतन लेवल सात और आठ को 2500 रुपये व वेतन लेवल छह व उससे नीचे के कार्मिकों 1000 रुपये प्रतिमाह
जोखिम भत्ता: मूल वेतन का 10 फीसदी तथा अधिकतम 12500 रुपये मिलेगा
चिकित्सा निषेध भत्ता: एलोपैथिक चिकित्सकों को मूल वेतन का 20 और आयुर्वेद चिकित्सकों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत प्रतिमाह
भत्ते जो यथावत रहेंगे: पर्वतीय विकास भत्ता, सीमांत विकास भत्ता, वाहन भत्ता, सचिवालय विशेष भत्ता सहित 13 प्रकार के भत्तों को यथावत रखा गया है।
दूरी के हिसाब से स्थानांतरण भत्ता: 50 किमी के दायरे में तबादला होने पर कर्मचारी को न्यूनतम वेतन स्तर का पांच प्रतिशत तथा 50 किमी से अधिक दूरी पर 20 प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार दिया जाएगा।

इन 14 भत्तों की सरकार कर रही समीक्षा  
पर्वतीय विकास भत्ता, स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, जीपीएफ पासबुक रखरखाव प्रोत्साहन भत्ता, कैश भत्ता, सचिवालय परिचारकों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता, सचिवालय व राज्य संपत्ति वाहन चालकों को एक मुश्त भत्ता, सचिवालय विशेष भत्ता, लोक निर्माण के डिजाइनिंग विंग में नियुक्त कार्मिकों को प्रतिपूर्ति भत्ता, अपराध अनुसंधान अभिसूचना, अवैध खनन निरोधक, सतर्कता इकाई को विशेष भत्ता, विशेष प्रैक्टिस भत्ता, राजस्व विभाग के संग्रह अमीनों को लेखन सामग्री भत्तों पर तलवार लटकी है। सरकार इनकी समीक्षा कर रही है। 
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