उत्तराखंड बना तो यहां पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट और भविष्य में इनके बढ़ने पर इसे ऊर्जा प्रदेश बनाने की बात नीति निर्धारकों ने कही थी।
साल दर साल गुजर रहे लेकिन अब ऊर्जा प्रदेश की बात कहीं गुम सी हो गई है। दूसरे राज्यों को बिजली बेचकर मुनाफा कमाने का दावा करने वाले नेता और अधिकारी खुले हाथों से उल्टा बाहर से बिजली खरीद रहे हैं।
ये अधिकारी अब कह रहे हैं कि प्रदेश की नदियों में पानी सूख गया है। नीतियां बनाने में नाकाम राजनेता भी ऊर्जा निगमों के अधिकारियों से कह रहे हैं कि वे बिजली उत्पादन बढ़ाने और लाइन लास घटाने के लिए अपनी सोच और काम करने की पावर न घटाएं। ऐसा रहा तो एक न एक दिन तो उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश बनेगा ही।