वन महकमे में एक कर्मचारी आजकल बुरी तरह से घबराया और गुस्साया हुआ है। आखिर आला अधिकारियों ने शिकायतों केआधार पर जिम्मेदारी जो बदल दी।
खुलेतौर पर पेड़ कटने के नाम पर वसूली करने वाले यह कर्मचारी अब शहर में निकलने वाले जंगली जीव जंतुओं को पकड़ने में लगा दिए गए हैं। महाशय, आजकल सिफारिशें लगाते हुए घूम रहे हैं। उनका रोष है कि क्या अब वह सांप पकड़ने को रह गए लेकिन अपनी भ्रष्टाचारी हकीकत से वह अनजान बने रहते हैं।
एक दिन तो कर्मचारी अपने अधिकारी केपास ही गुहार लगाने चला गया, बाल बच्चों का वास्ता दिया कि कहीं सांप ने काट लिया तो क्या होगा लेकिन अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं।
कहते हैं, तनख्वाह तो पूरी ही मिलेगी लेकिन बड़े साहब क्या जानें कि तनख्वाह के अलावा ऊपरी कमाई का रास्ता बंद जो हो गया है।