कंप्यूटर का एक वायरस पूरे देहरादून कलक्ट्रेट पर भारी पड़ रहा है। पहले कलक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे पकड़ने के लिए पूरा दमखम लगाया लेकिन वायरस उनसे चालाक निकल गया।
वायरस ने खोखला कर दिया स्टाफिंग पैटर्न
फाइलों में मीन-मेख निकालने के माहिर और फरियादियों को टरकाने के गुरों के गुरु मिनिस्ट्रीयलकर्मियों को इस वायरस ने हवा तक नहीं लगने दी। हाकिम के स्टाफिंग पैटर्न की कवायद को वायरस ने खोखला कर दिया है।
हाकिम ने फाइलों के जो रिकार्ड कंप्यूटर के फोल्डरों में रखवाए थे वायरस ने गायब कर दिए हैं। हाकिम के पत्रों का इसने जरूर सम्मान किया है। दर्जनों पत्रों की तहरीरों को इसने आधा-आधा चाटा है। एक शरारत और की है।
एक फाइल की तहरीर को दूसरे में गडमड कर दी है। बाबू जब किसी पत्र की तहरीर का प्रिंट आउट निकालते हैं तो उसमें कई पत्रों का मैटर मिल जाता है। कर्मचारी यह देखकर सिर पीटने लगते हैं।
मिनिस्ट्रीयलकर्मियों ने इसकी शिकायत छोटे हाकिम से की तो उन्होंने एनआईसी वालों को बुलवाया। लेकिन एनआईसी का एंटी वायरस टिक नहीं पाया।
अब बाहर की किसी कंपनी का एंटी वायरस प्रोग्राम मंगाया जा रहा है जिससे कलक्ट्रेट के कंप्यूटरों के वायरस को कैद किया जा सके। छोटे हाकिम कहते हैं कि इस कमबख्त वायरस ने पका दिया है। अगर इस पर जल्दी काबू न पाया गया तो यह सब रिकार्ड बरबाद कर देगा।