मानसून सिर पर है, लेकिन कैंट क्षेत्र में नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे हैं। नाले-नालियां गंदगी से अटी पड़ी हुई हैं, लेकिन कैंट बोर्ड इनकी सफाई की जहमत नहीं उठा रहा है। हल्की बारिश में नाले और नालियों का पानी व गंदगी सड़क पर बहने लगती है।
गढ़ी-डाकरा और प्रेमनगर में ड्रेनेज के लिए बनाए गए नाले और नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे सभी नाले-नालियां गंदगी के कारण चोक हो रखी हैं, जिससे गंदगी सड़कों पर बह रही है। बारिश में तो स्थिति और खराब हो जाती है। नाले-नालियां चोक होने से बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगता है, जिससे प्रेमनगर मुख्य बाजार और गढ़ी-डाकरा में जलभराव की स्थित हो जाती है। यह हाल तब हैं, जबकि कैंट बोर्ड के पास सफाई के लिए खुद के कर्मचारी तो हैं, ही साथ ही लाखों रुपये महीने पर एक कंपनी को भी सफाई का ठेका दे रखा है। लोगों की माने, तो सफाई करने वाली कंपनी केवल कूड़ा उठाने का काम करती है।
कई बार शिकायत के बाद भी नाले-नालियों की सफाई नहीं की जाती है। गढ़ी डाकरा के अनिल मोटे की माने मानसून से पहले नाले व नालियों की सफाई के लिए कई बार कैंट बोर्ड से गुहार लगाई गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्रेमनगर के कुनाल अरोड़ा ने कहा कि बारिश में प्रेमनगर मुख्य बाजार में बाढ़ जैसी स्थिति होती है। दुकानों में पानी भर जाता है। कैंट बोर्ड से कई बार स्थानीय निवासी व व्यापारी नालियों की सफाई की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कैंट बोर्ड सुध लेने को तैयार नहीं है। उधर, कैंट बोर्ड के सफाई अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने कहा कि गढ़ी-डाकरा व प्रेमनगर में नाले और नालियों की सफाई करने के आदेश दे दिए गए हैं। गढ़ी-डाकरा में सफाई का कार्य शुरू भी हो चुका है। जल्द ही सभी नाले-नालियों की सफाई कर दी जाएगी।