मासूम की हत्या से पूर्व आरोपी ने नाबालिग के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी।
सहसपुर थाना क्षेत्र के सभावाला में नाबालिग की दुराचार कर हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने देर रात को तिमली के जंगल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ बलात्कार, हत्या और पॉक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
हत्या से पूर्व आरोपी ने नाबालिग के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी। नाबालिग के प्राइवेट पार्ट्स पर भी नाखूनों के निशान मिले हैं। मालूम हो कि बीते शनिवार की रात को पुलिस को सभावाला स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन भवन के पास बने झोपड़ी में 11 वर्षीय नाबालिग का शव बरामद किया था।
शव को ईटों के बीच में सीमेंट के कट्टों से ढका था। परिजनों का आरोप था कि दोपहर तक उनकी बेटी अपने चचेरे भाइयों के साथ कॉलेज कैंपस में खेल रही थी, लेकिन इस बीच वह अचानक गायब हो गई। परिजनों ने बच्ची के चचेरे भाइयों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि दोपहर के समय जब वह कैंपस में खेल रहे थे तब पड़ोस में रहने वाला जयप्रकाश तिवारी पुत्र रामजस तिवारी निवासी ग्राम निमकपुरा थाना कुम्हारगंज जिला फैजाबाद उत्तर प्रदेश उन्हें अपनी झोपड़ी में ले गया।
कई घंटों करता रहा तलाश का नाटक
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जहां उसने उन्हें 10-10 रुपये दिए और दुकान में भेज दिया। लेकिन बहन को कमरे में ही रोक कर रखा। जिसके बाद उन्होंने अपनी बहन को नहीं देखा। जब बच्ची के परिजनों ने जय प्रकाश से बात की तो उसने भी तीनों बच्चों को 10-10 रुपये देने की बात को स्वीकार किया और बालिका के गायब होने पर हैरानी जताई।
परिजनों ने जब कॉलेज परिसर में लगी सीसीटीवी फुटेज को चैक किया तो उन्हें दोनों बच्चे तो कॉलेज परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए। लेकिन उनके साथ बालिका नहीं थी। जिस पर उन्होंने दुबारा से कॉलेज परिसर में बालिका की तलाश तेज की।
उन्होंने जय प्रकाश की झोपड़ी की तलाशी ली तो वहां पर नाबालिग के शव को ईटों के बीच में सीमेंट के कट्टों से ढक रखा गया था। जिस पर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। उन्हें आरोपी की तलाश तेज कर दी। रात दो बजे आरोपी को तिमली जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नरेश राठौर, एसआई राजविक्रम, नवनीत भंडारी, लक्ष्मी जोशी, बिनेश कुमार, कविंद्र राणा, कॉस्टेबल दीपक, सुधीर, इजलाल, प्रवीण, संगीता शामिल रहे।
कई घंटों करता रहा तलाश का नाटक
जब परिजनों ने जय प्रकाश तिवारी से बालिका के बारे में पूूछा तो उसने भी बच्ची के गायब होने पर चिंता जताई और परिजनों के साथ बच्ची को ढूंढने का नाटक करने लगा। करीब तीन घंटे तक वह यहां-वहां परिजनों संग बालिका को ढूंढता रहा। लेकिन जब उसे लगा कि उसका नाटक ज्यादा देर तक नहीं चल सकेगा तो वह वहां से फरार हो गया।