बुधवार की देर रात बादल फटने से तबाह घनसाली के नौताड़ गांव के लोग प्रशासन की लचर व्यवस्था से गुस्से में हैं। आपदा प्रभावित नौताड़ के लोगों ने शुक्रवार को सहायता राशि के चेक लौटा दिए।
ग्रामीणों ने कहा कि पहले यहां बिजली, पानी, बच्चों के लिए दूध और राशन की व्यवस्था की जाए, तब तब वे चेक लेंगे।
शनिवार को एसडीएम दो-दो लाख के चेक वितरित करने गांव पहुंचे थे। प्रभावितों ने कहा कि गांव में रात को लाइट की व्यवस्था नहीं की गई। पानी भी उपलब्ध नहीं है।
खाने को नहीं, क्या करेंगे चेक
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिल रहा। दवाइयों की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस हालत में वे कैसे रहेंगे, चेक लेकर क्या करेंगे।
प्रभावितों ने प्रशासन को चेक वापस कर दिए हैं। एसडीएम ने लोगों को समझाने की कोशिश करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
टिहरी जिला प्रशासन ने एक सप्ताह में भूमि चिन्हित कर गांव के विस्थापन की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। गांव के लोग अपनी इच्छा के अनुसार भूमि का चयन करेंगे।
डीएम युगल किशोर पंत ने बताया कि नौताड़ गांव का विस्थापन जरूरी है। प्रशासन की ओर से पांच मृतक आश्रितों को 3-3 लाख के चेक सौंपे गए।
नैथानी ने पीड़ितों को बंधाया ढांढ़स
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, विधायक भीमलाल आर्य भी शुक्रवार को नौताड़ पहुंचे। उन्होंने प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए आपदा में मारे गए लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया।
नैथानी ने कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को जल्द ही पेयजल, विद्युत की सप्लाई बहाल करने के निर्देश दिए हैं। विधायक भीमलाल आर्य ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख करने की मांग की है।