लोक सभा चुनाव से चार धाम यात्रा के प्रभावित न होने का दावा भले ही किया जा रहा हो पर इतना साफ है कि चुनाव के कारण मतदान प्रभावित हो सकता है।
मतदान सात मई को
चार धाम यात्रा चार मई से शुरू हो रही है और प्रदेश में मतदान सात मई को है। चार धाम यात्रा के कारण यात्रा रूट के कई गांवों के लोग गांवों से शिफ्ट भी हो जाते हैं। दूसरी ओर कई ऐसे भी हैं जो एक जगह पर रहने की बजाय एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर रुख करते रहते हैं।
2009 में 13 मई को मतदान हुआ था और यात्रा भी मई माह में ही शुरू हो गई थी। उस समय भी यह परेशानी सामने आई थी। इस बार भी ठीक यही स्थिति होने के आसार हैं।
गांवों के लोग शिफ्ट कर जाते हैं
केदारनाथ धाम के पट चार मई को खुल रहे हैं। पट खुलने से पहले ही कई गांवों के लोग शिफ्ट भी कर जाते हैं। मसलन गोंदार, चौमासी आदि गांवों के लोग केदारनाथ की ओर रुख करते हैं।
इसी तरह बदरीनाथ मार्ग पर पुलना का पूरा गांव ही बदरीनाथ धाम की ओर चला जाता है। चार धाम यात्रा के दौरान केदारनाथ घाटी ही नहीं बल्कि बदरीनाथ, नीति-माणा, उर्गम घाटी आदि के लोग भी पूरी तरह से मूवमेंट में रहते हैं।
ऐसे में चार धाम यात्रा के दौरान इस क्षेत्र का मतदान प्रभावित होने की पूरी आशंका है। दूसरी ओर निर्वाचन मशीनरी इस बात पर उम्मीद लगाए बैठी है कि लोग मतदान के लिए वापस अपने क्षेत्रों में वापस लौट आएंगे।