मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई
सभी ने यहां से कनखल बैरागी कैंप ले जाकर मारपीट कर डरा-धमकाकर एटीएम कार्ड निकालकर पिन नंबर पूछा और यूपीआई के जरिये करीब 30 हजार रुपये लूट लिए। साथ ही मोबाइल फोन, सोने की चेन, अंगूठी लूट ली थी। पीड़ित कनखल थाने पहुंचा तो उसे नगर कोतवाली और वहां से जीआरपी थाने जाने के लिए कहा। तब उसने थाने आने के बजाय मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
एसपी ने बताया कि पीड़ित की तरफ से मुकदमा दर्ज कर जीआरपी और एसओजी की टीम जांच-पड़ताल में लगाई गई। टीम ने सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए मुखबिर की सहायता से आरोपी विनीत कुमार कटारिया निवासी मंडावर बिजनौर हाल पता रामधाम काॅलोनी रावली महदूद, उत्तम कुमार निवासी गायत्री विहार सराय ज्वालापुर, रविकांत निवासी हैदरनगर तितावी मुजफ्फरनगर हाल पता रामधाम कॉलोनी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में अपने साथी विनीत राणा, अर्जुन और मोनू पाल का नाम भी बताया। मोनू रानीपुर कोतवाली से एक मामले में कुछ समय पहले ही जेल गया है। प्रेस वार्ता में एएसपी अरुणा भारती, जीआरपी एसओ अनुज सिंह, एसओजी प्रभारी विनय मित्तल मौजूद रहे।
कई को बनाया शिकार, पीड़ित नहीं पहुंचे पुलिस तक
आरोपी पिछले काफी समय से इस अपराध को अंजाम दे रहे थे। पहले भी एप के माध्यम से कई लोगों को फंसाकर अन्य जगहों पर ले जाकर लूट को अंजाम दिया। लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित पुलिस तक नहीं पहुंचे हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई युवाओं को इसी तरह से लूटने की बात भी स्वीकार की है।
छह पुलिसकर्मी कर रहे थे जांच
एसपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए छह पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई थी। जिसमें जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह, एसओजी प्रभारी विनय मित्तल, कांस्टेबल दीपक चौधरी, विनीत कुमार, मनोज कुमार और प्रदीप कुमार को लगाया गया था। टीम सीसीटीवी चेक करने के साथ ही सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपियों तक पहुंची।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather: देरी से विदा होगा मानसून, महीनेभर में अधिकतर जिलों में हो सकती है कई दौर की बारिश
अक्सर इलाज के लिए पीड़ित आता था हरिद्वार
पीड़ित युवक का पतंजलि में उपचार चल रहा है। अक्सर वह पतंजलि में इलाज कराने के लिए आता है। पांच मई को भी वह बिहार से हरिद्वार आ रहा था। यहां लोकल में ही ट्रेन पहुंचने के दौरान एप पर उसकी बातचीत हुई। ट्रेन से उतरने के बाद टिकट काउंटर के पास पहुंचा और यहीं से रविकांत उसे ले गया था।