स्थाई राजधानी गैरसैण बनाने की मांग को लेकर परेड ग्राउंड में धरने पर बैठे आदोलनकारियों का एक वर्ष
गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठन मिलकर 3500 किमी की यात्रा निकालेंगे। सोमवार को गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान का एक वर्ष पूरा होने पर यह फैसला लिया गया।
परेड मैदान स्थित धरनास्थल पर अभियान से जुड़े सदस्यों ने डौंर-थकुली बजाकर विरोध जताया। सदस्यों ने कहा कि वह गैरसैंण आंदोलन के लिए विधि अभिलेख तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं, जिससे गैरसैंण राजधानी की लड़ाई को नया बल मिला है। उन्होंने मुरादाबाद मंडल को उत्तराखंड में मिलाए जाने की चर्चाओं को गलत बताते हुए ऐसे किसी भी प्रयास के विरोध की चेतावनी दी। आंदोलनकारियों ने कहा कि लेह-लद्दाख की तर्ज पर उत्तराखंड में भी विशेष पूर्ववर्ती हिमालयी राज्यों के प्रावधान लागू होने चाहिए।
उन्होंने गैरसैंण और राज्य निर्माण आंदोलन के गीत गाकर अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। एक दर्जन से अधिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इस अवसर पर लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मनोज ध्यानी, विजय सिंह रावत, मदन सिंह भंडारी, पीसी थपलियाल, रणवीर चौधरी, सचिन थपलियाल, विकास सेमवाल, सुशील कुमार त्यागी, कमलकांत, सुशील कैंथुरा आदि मौजूद रहे।