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बढ़ा खतराः तेजी से पिघल रहा गंगोत्री ग्लेशियर

Thu, 08 May 2014 08:07 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, उत्तरकाशी
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जोखिम के साथ ही सही लेकिन गोमुख तक पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने से गंगोत्री ग्लेशियर के पिघलने की हैरतंगेज तस्वीर सामने आने लगी हैं।
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इस बार गोमुख का मुहाना दाहिने छोर पर क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां करीब 40 मीटर गहरी दरार उभरने से ग्लेशियर पिघलने की रफ्तार तेज होने की आशंका है।

बीते साल की आपदा और सर्दियों में हुई भारी बर्फबारी ने गंगोत्री-गोमुख ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

जान हथेली पर लेकर आवाजाही करने को मजबूर पर्यटक

ट्रैक की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने शुरुआत में पर्यटकों को गोमुख क्षेत्र में आवाजाही की अनुमति नहीं दी।

गंगोत्री मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब पार्क में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। ट्रैक इस कदर जोखिम भरा है कि पर्यटक जान हथेली पर लेकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।

कुछ जगह तो रस्सी से लटककर आगे बढ़ना पड़ रहा है। भोजवासा से कुछ पहले भुजगढ़ी में पत्थरों को पकड़कर चलना पड़ रहा है।
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साहसी पर्यटक ही जुटा पा रहे हिम्मत

ऐसे में रोमांच के शौकीन साहसी पर्यटक ही गोमुख तक पहुंचने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। मौसम में आ रहा बदलाव गंगोत्री ग्लेशियर पर भारी पड़ रहा है।

एक साल के भीतर ग्लेशियर के मुहाने में आए बदलाव के बाद इसके पिघलने की रफ्तार तेज होने की आशंका है। इस हाल में अब गर्मियों और बरसात में गंगा भागीरथी में ज्यादा पानी आने की उम्मीद है।

गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक जीएन यादव ने कहा कि पिछले साल के बाद गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में हुई क्षति का अभी जायजा नहीं लिया गया है।

क्षतिग्रस्त हुए गंगोत्री-गोमुख ट्रैक को दुरुस्त कराया जा रहा है। अभी तक पार्क क्षेत्र में प्रवेश के 10 परमिट जारी हुए हैं। 15 मई के बाद वह स्वयं गोमुख जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।
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