एक कहावत है 'उल्टी गंगा बहना'। लेकिन यहां यह कहावत एक दम सच हो जाती है। भारत में एक ऐसा मंदिर है जहां पर पहुंचते ही गंगा की धारा उल्टी बहने लगती है। कोई भी आज तक इसका रहस्य नहीं जान पाया है।
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ulti ganga
यह मंदिर उत्तराखंड में रुड़की के सुल्तानपुर क्षेत्र के पंचेवली गांव स्थित पौराणिक पंचलेश्वर महादेव शिव मंदिर है। जानकारी के मुताबिक, पंचलेश्वर महादेव मंदिर काफी प्राचीन है और इसका महाभारत काल में पांडवों से भी संबंध रहा है।
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आमतौर पर गंगा उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है, जबकि यहां गंगा पूरब से पश्चिम की ओर बहती है। यह स्थान दिव्य है। पौराणिक काल में पांडवों के वंशज यहां मन का पाप धोने के लिए आए थे और इसी स्थान पर गाय के गोबर से बने उपले से खुद को दग्ध कर मुक्ति प्राप्त की थी।
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इसके अलावा इस स्थान पर अज्ञातवास के दौरान पांच पांडव के आकर ठहरने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि यहां पहुंचने वाले लोगों की मन की मुरादें पूरी हो जाती हैं।
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मंदिर के पुजारी भभूति गिरी ने बताया कि इस पौराणिक स्थान पर हर साल महाशिवरात्रि और गंगा दशहरे पर मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु आकर मत्था टेकते हैं और गंगा में स्नान कर पुण्य कमाते हैं।
जानकारों का कहना है कि इसके पीछे भौगोलिक कारण हैं। लेकिन करीब आधा किलोमीटर तक पूरब से पश्चिम की तरफ बहने के बाद खुद ही उत्तर से दक्षिण की ओर बहने लगती है।