आपदा के बाद आखिर तीन महीने बाद राफ्टिंग कंपनियों और राफ्टिंग के शौकीनों के लिए शुक्रवार का दिन खुशियां लेकर आया। पर्यटकों ने गंगा की लहरों में राफ्ट का आनंद लिया। राफ्टिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने बताया कि पहले दिन पर्यटकों के लिए पांच राफ्ट उतारी गई जिसमें लगभग 35 पर्यटकों ने राफ्ट़िग का लुत्फ उठाया।
80 कंपनियों के उपकरणों की जांच
पर्यटन विभाग की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जांच कैंप में राफ्टिंग कंपनियों के उपकरणों का भौतिक सत्यापन किया गया। कैंप के दूसरे दिन 80 कंपनियों की राफ्टों और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। उनमें पाई गई कमियों को मौके पर दुरुस्त किया गया।
शुक्रवार को मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजार्ट में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कैंप के तहत विशेषज्ञों ने दूसरे दिन 80 कंपनियों की राफ्टों का निरीक्षण और गाइडों के लाइसेंस रिन्यू किए।
इस दौरान कई कंपनियों की राफ्टों में कमियां भी सामने आईं। बताया कि कई राफ्टों में उनकी कंपनी का नाम अंकित नहीं था। मौके पर पेंटर बुलाकर कंपनियों का नाम लिखवाया गया।
इस अवसर पर तकनीकी कमेटी के संयुक्त निदेशक पर्यटन एके सिंह, डिप्टी डाइरेक्टर पर्यटन आरसी भारद्वाज, आईटीबीपी कमांडेट प्रतिनिधि जितेंद्र, रेंज अधिकारी शिवपुरी केशव प्रसाद रतूड़ी, सुधीर खंडूड़ी, युशूफ जहीर आदि मौजूद थे।
नए लाइसेंस के लिए होगा गाइडों का टेस्ट
कंपनियों के प्रतिनिधि सुधीर खंडूड़ी ने बताया कि गाइडों को नए लाइसेंस जारी करने के लिए कुछ समय बाद उनका शारीरिक और कौशल टेस्ट लिया जाएगा। इसके तहत राफ्ट को चलाने का अनुभव और शिवपुरी से ब्रह्मपुरी तक खतरनाक जोन में अकेले राफ्ट लाने और अन्य टेस्टों पर खरा उतरने वाले गाइडों को पर्यटन विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
कैंपिंग की तैयारी कल से
कैंपिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो पर्यटन और वन विभाग द्वारा उनके लाइसेंस रिन्यू किए जाने के बाद शनिवार से कैंपिंग की तैयारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि गंगा तटों पर ब्रह्मपुरी, कौड़ियाला, शिवपुरी और मालाकुंठी में कैंपिंग की व्यवस्थाएं बनाई जाएगी। उन्होंने कैंपिंग व्यवस्थाएं बनाए जाने के बाद ही पर्यटकों की आने की संभावनाएं जताई।