G20 Summit first Meeting in Ramnagar Update: नैनीताल के रामनगर में होने वाली चीफ साइंस एडवाइजर राउंड टेबल कार्यक्रम की पहली बैठक दो दिन चलेगी। इसके बाद विदेशी मेहमान पहुंच गए हैं।
उत्तराखंड के रामनगर में 28 से 30 मार्च तक चलने वाली जी-20 समिट मंगलवार से शुरू हो गई। इसके लिए 17 देशों के 51 प्रतिनिधि उत्तराखंड पहुंच गए हैं। पंतनगर एयरपोर्ट पर मेहमानों का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान कलाकारों ने मेहमानों के स्वागत में छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसके बाद उन्हें सुपर डिलक्स बस से रामनगर के लिए रवाना किया गया। बुधवार को कार्यक्रम की शुरुआत राउंड टेबल कार्यक्रम से होगी। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी रामनगर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन उत्तराखंड को नई दिशा देगा। हमारे लिए गौरव की बात कि प्रदेश को जी 20 की तीन बैठकें मिली हैं।
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मेहमानों को पंतनगर एयरपोर्ट से रामनगर पहुंचाने की विशेष व्यवस्था की गई है। एयरपोर्ट से गड़प्पू के बीच 350 स्थानों पर 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। रूट पर लगे 34 सीसीटीवी की निगरानी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से की जा रही है। विदेशी मेहमानों के फ्लीट में छोटे-बड़े 23 वाहन शामिल हैं। वहीं, रुद्रपुर से नैनीताल रोड जीरो जोन में तब्दील की गई है।
नैनीताल के रामनगर में होने वाली चीफ साइंस एडवाइजर राउंड टेबल कार्यक्रम की पहली बैठक दो दिन चलेगी। इसके बाद 25 से 27 मई को नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में दूसरी बैठक होगी। यह बैठक भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की होगी। तीसरी बैठक नरेंद्रनगर, ऋषिकेश में ही 26 से 28 जून को होगी। इस बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप मंथन करेगा।
जी-20 सम्मेलन को लेकर तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
इन देशों के डेलीगेट हुए शामिल
17 देशों के 51 प्रतिनिधि जिसमें से 18 प्रतिनिधि भारत से, रसिया से 04, नाइजीरिया से 01, फ्रांस से 02, इटली से 02, यूएसए से 02, कोरिया से 01, यूनाइटेड किंगडम से 05, जापान से 01, स्पेन से 01, साउथ अफ्रीका से 04, ऑस्ट्रेलिया से 01, नीदरलैंड से 01, कनाडा से 02, सऊदी अरब से 03, ब्राजील से 01, चाइना से 02 से प्रतिनिधि पहुंचे। जबकि यूरोपियन संघ के 03 सदस्य रामनगर पहुंचे।
विश्व की ये 13 संस्थाएं होंगी शामिल
केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि समिट में विश्व की 13 संस्थाएं भी हिस्सा लेंगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र (यूएन), अंतरराष्ट्रीय मु्द्रा कोष (आईएमएफ), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), विश्व श्रम संगठन (आईएलओ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), एटीडी (एशियाई विकास बैंक), ओईसीडी (ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉरपोरेशन एंड डेवलपमेंट), एयू चेयर (अफ्रीकन यूनियन), नेपाड चेयर (न्यू पाटर्नरशिप फॉर अफ्रीकन डिपार्टमेंट), एशियन चेयर (एसोसिएट ऑफ साउथ एशिया नेशन), आईएसए (इंटरनेशनल सोलर एलायंस), सीडीआरआई (कोलेशन फॉर डिजाइटर रिजलिंट इनफारट्रेक्चर) शामिल हैं।
जी-20 सम्मेलन को लेकर तैयारियां
- फोटो : अमर उजाला
इन बिंदुओं पर होगी भारत की प्राथमिकताएं
1. हरित, विकास, जलवायु वित्त और लाइफ।
2. त्वरित, समावेशी और लचीला विकास।
3. एसडीजी (सबस्टेनिबल डवलपमें गोल्स) पर प्रगति में तेजी लाना।
4. तकनीकी परिवर्तन और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना।
5. 21वीं सदी के लिए बहुपक्षीय संस्थान।
6. महिलाओं के नेतृत्व में विकास।