फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन लोगों को देश के किसी भी अस्पताल में मिलेगा मुफ्त इलाज

Fri, 16 Oct 2015 01:52 PM IST
अनिल चंदोला/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड के मरीजों को अब उपचार के लिये राज्य के बाहर अस्पतालों में लगने वाले खर्च और किराए के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
विज्ञापन


अस्पताल नि:शुल्क उपचार के साथ ही मरीजों को आने-जाने का खर्च भी देंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में राज्य के बाहर अस्पतालों में उपचार कराने वाले मरीजों के लिए यह प्रावधान किया गया है। अभी राज्य के भीतर उपचार कराने वाले मरीजों को ही इसका लाभ मिलता है।

इस योजना के धरातल में आने के बाद सभी अस्पतालों में बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होगा। इसमें सामान्य बीमारियों के साथ ही कैंसर, हार्ट सर्जरी, हेड इंजरी, स्पाइनल सर्जरी समेत कई गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया है। योजना के तहत कुल 1713 अलग-अलग बीमारियों में मुफ्त उपचार की सुविधा होगी।
विज्ञापन


उपचार के बाद डिस्चार्ज के समय अस्पताल मरीज को यात्रा भत्ते के रूप में एक हजार रुपये नगद भी देंगे। यह भत्ता केवल प्रदेश के बाहर अस्पतालों में उपचार पर मिलेगा। प्रदेश में उपचार कराने पर मात्र सौ रुपया यात्रा भत्ता दिया जाएगा। बता दें कि, एक अप्रैल से शुरू हुई योजना में अब तक 26 हजार से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा चुके हैं।
Trending Videos
विज्ञापन

प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी भी मुफ्त

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेश के सभी सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी भी नि:शुल्क करने की योजना है। वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम काम कर रही है। जिसके तहत एमएसबीवाई के मरीजों को ओपीडी में भी नि:शुल्क उपचार दिया जाएगा।

नए लोग भी होंगे शामिल
योजना का लाभ लेने से छूटे परिवारों को दो माह बाद संशोधित योजना लागू होने पर योजना में शामिल किया जाएगा। जिन परिवारों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें संबंधित जिलाधिकारी के निर्देश पर योजना में शामिल किया जाएगा।

योजना में प्रदेश के बाहर के अस्पतालों को भी सूचीबद्ध किया गया है। इसमें बीमारियों के हिसाब से अलग-अलग धनराशि के पैकेज बनाए गए हैं। मरीजों को यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा, ताकि प्रदेश से बाहर उपचार केलिए उन्हें परेशान न होना पड़े।
- डॉ. प्रेम लाल, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, एमएसबीवाई
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें