आईएमए में समूह ‘ग’ की भर्ती में फर्जी दस्तावेज के फर्जीवाड़े के साथ ही अब प्रवेश परीक्षा में भी गड़बड़ी के सुराग सीबीआई के हाथ लगे हैं।
उत्तर पुस्तिका में दो-दो राइटिंग
भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा की कापियों की जांच में पता चला है कि फर्जीवाड़ा करने वाले कई अभ्यर्थियों की राइटिंग उनकी कापियों की लिखावट से मेल नहीं खा रही है। सामने आया है कि एक ही उत्तर पुस्तिका में दो-दो राइटिंग हैं। अब सीबीआई कापियों की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाने जा रही है।
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उत्तर पुस्तिकाएं की जांच ने मामले में आईएमए की मिलीभगत की भी आशंका बढ़ा दी है। उल्लेखनीय है कि आईएमए में वर्ष 2012 में समूह ‘ग’ के पदों पर स्टेनोग्राफर, एलडीसी, कुक, ड्राइवर, अर्दली आदि के लिए भर्तियां हुईं थीं। इन भर्तियों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की सूचना पर सीबीआई ने जांच शुरू की है।
दस्तावेज हासिल किए
सैन्य मुख्यालय से अनुमति के बाद सीबीआई ने आईएमए से भर्तियों से संबंधित कई दस्तावेज भी हासिल किए हैं। इसमें अभ्यर्थियों की भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं भी शामिल हैं। सीबीआई को उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट कई अभ्यर्थियों की लिखावट से अलग-अलग मिली है।
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इसकी पुष्टि के लिए विशेषज्ञों को कापियां भेजी जा रही हैं। अगर फॉरेंसिक जांच में भी उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट अभ्यर्थियों से मेल नहीं खाती है तो मामला बेहद गंभीर हो जाएगा।
284 पदों पर भर्ती जांच के दायरे में
सीबीआई ने जांच में 284 पदों को शामिल किया है। दो चरणों में हुई भर्ती में ड्राइवरों और कुक के पदों में सर्वाधिक फर्जीवाड़ा मिला है। अब तक आईएमए ने फर्जी दस्तावेज के 36 मामलों पर कार्रवाई कर कर्मचारियों को बर्खास्त किया है, जबकि 23 फर्जी दस्तावेज के मामले कार्रवाई के लिए विचाराधीन हैं।
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