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DGP की फ्रांस यात्रा में मुकदमेबाजी का पेंच

Mon, 03 Nov 2014 09:16 AM IST
अजित सिंह राठी/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू अब फ्रांस में आयोजित इंटरपोल की 83वीं जनरल असेंबली में भाग नहीं ले सकेंगे।
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कार्मिक विभाग ने उनकी फाइल गृह विभाग को लौटा दी है। बताया जा रहा है कि डीजीपी से जुड़े कई मुकदमे होने की वजह से ऐसा किया गया है।

आमसभा में मांगी थी प्रतिभाग करने की अनुमति
लगभग दो महीने पहले डीजीपी बीएस सिद्धू ने शासन को पत्र भेज 03 से 07 नवंबर तक फ्रांस के मोनाको शहर में होने वाली इंटरपोल की आमसभा में प्रतिभाग करने की अनुमति मांगी थी।

गृह विभाग ने फाइल जब मंजूरी के लिए भेजी तो कार्मिक विभाग ने उल्टे पूछ लिया कि डीजीपी के खिलाफ किसी तरह का मुकदमा तो दर्ज नहीं है? इस पर पीएचक्यू ने किसी तरह की जांच या मुकदमा विचाराधीन होने से इंकार कर दिया, लेकिन शासन में गृह विभाग के पास सारी जानकारी पहले ही थी।
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इसलिए गृह के अफसरों ने सभी मामलों को सूचीबद्ध कर कार्मिक को फाइल भेज दी। इसके बाद फाइल को उच्च स्तरीय अनुमोदन के लिए भेजा गया।

लेकिन तीन दिन पहले कार्मिक विभाग ने गृह विभाग को फाइल लौटा दी और कहा कि यात्रा का खर्च कौन वहन करेगा और डीजीपी के खिलाफ विचाराधीन मामलों के मद्देनजर निर्णय लें तब फाइल भेजें।

गृह विभाग ने इन मामलों का किया जिक्र
- राज्यपाल द्वारा मुख्य सचिव को भेजे पत्र में सिद्धू के खिलाफ शिकायतों के साथ ही आरक्षित वन क्षेत्र के वृक्षों का अवैध कटान आदि की जांच कर कार्रवाई से अवगत कराने को कहा। लेकिन तीन माह पहले उच्च स्तर पर गई फाइल वापस नहीं लौटी।

- मसूरी रोड स्थित वीरगिरवाली वन रेंज में सिद्धू को पेड़ कटान का आरोपी बताते हुए फारेस्ट विभाग ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर रखी है। इसी से संबंधित एक मामला हाईकोर्ट में भी है, जिसमें वह रेसपोंडेंट नं.2 हैं, जो कि क्रिमिनल वाद है।

- ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली में भी आरक्षित वन क्षेत्र से काटे गए पेड़ों का मामला प्रचलित है, जिसमें सिद्धू भी पार्टी हैं। और ट्रिब्यूनल ने पिछले दिनों कहा कि भले ही यह क्रिमिनल वाद हो, लेकिन यहीं पर सुनवाई होगी।
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- निलंबित दरोगा निर्विकार ने मुख्य सचिव को पत्र भेज कहा था कि जिस प्रकरण में उनके खिलाफ एक्शन हुआ, उसी में डीजीपी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई बनती है। इस शिकायत पर फाइल तैयार हुई और ऊपर भेज दी गई।

फ्रांस में होने वाली इंटरपोल की असेंबली में भाग लेने जाना था, लेकिन शासन ने अनुमति नहीं दी। और इससे ज्यादा मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- बीएस सिद्धू, पुलिस महानिदेशक
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