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हरिद्वारः गंगा में बहे चार छात्र

Mon, 04 Aug 2014 08:25 AM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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शांतिकुंज, हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के चार छात्र रविवार शाम सप्तऋषि घाट पर गंगा की तेज धारा में बह गए। एक छात्र जैसे तैसे हाथ पांव मारकर गंगा से निकलने में कामयाब रहा पर तीन छात्रों का अता पता नहीं चल सका।
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देर शाम पूरा अमला बह गए छात्रों की तलाश में जुटा रहा। एसएसपी सदानंद दाते ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। घटना रविवार शाम करीब साढे़ पांच बजे के आस पास की है।

हॉस्टल में रह रहे बीसीए एवं एनीमेशन डिप्लोमा के छात्र कौशल पुत्र राकेश शर्मा निवासी मकान नंबर 280 बनेल, शिकारपुर  बुलंदशहर (हाल निवासी अलीगढ़), सूरज प्रसाद पुत्र बालक राम निवासी हरदयाल कुंचा, पंवाया शाहजहांपुर, जगदीश पुत्र कालूराम राठौर निवासी मकान संख्या 125/126 ए, केशवपुरा कोटा राजस्थान एवं शुभम पालीवाल निवासी सिरोज भोपाल मध्यप्रदेश अवकाश होने पर शाम को पास के सप्तऋषि गंगा घाट पर नहाने गए थे।
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एक दूसरे को बचाने के चक्कर में बहे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक छात्र के तेज बहाव की चपेट में आने पर साथियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन सभी तेज बहाव में आकर बहने लगे। एक छात्र सौरभ पालीवाल जैसे तैसे गंगा से बाहर निकलने में कामयाब रहा।

गंगा से निकले छात्र ने पुलिस कंट्रोल रूम एवं विश्व विद्यालय प्रबंधन को इस बाबत सूचना दी। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह नेगी, कोतवाली प्रभारी पीसी मठपाल, सप्तऋषि चौकी प्रभारी तुरन्त मौके पर पहुंचे। पीएसी की फ्लड कंपनी एवं जल पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंच गई।

आनन फानन में छात्रों की तलाश में गंगा में उतरे बचाव कर्मियों ने दूर तक खंगाला डाला लेकिन छात्रों का अता पता नहीं चल सका। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीओ सिटी की अगुवाई में देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन में कोई सफलता नहीं मिल पाई।

गंगा घाट पर पहुंचा पूरा विवि

रविवार की शाम तीन छात्रों के गंगा में डूबने की खबर जैसे ही देवसंस्कृति विवि पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। जिसने भी खबर सुनी, वहीं गंगा की ओर दौड़ पड़ा। कुलाधिपति डॉ. प्रणव पंड्या भी सप्तऋषि घाट पहुंचे।

विश्वविद्यालय परिसर में गम का माहौल है। देर रात तक विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के सुरक्षित लौट आने के लिए प्रार्थनाएं चल रही थी।

विश्वविद्यालय परिसर में शाम करीब छह बजे छात्रों के डूबने की सूचना आई। एक साथ तीन छात्रों के गंगा में डूबने की बात सुनकर लोग सकते में आ गए। थोड़ी ही देर बाद शिक्षक हो या छात्र, हर कोई घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा।

घाट पर पहुंचे कुलाधिपति ने वहां पर पुलिस अधिकारियों से बचाव कार्यों की जानकारी ली। मौके पर मौजूद शिक्षकों के चेहरे पर छात्रों के डूबने की पीड़ा साफ झलक रही थी तो साथी छात्र छात्राओं की आंखों में आंसू थे।

सर्च ऑपरेशन के खत्म होने के बाद भी शिक्षक, छात्र छात्राएं घटनास्थल पर ही डटे रहे। हर किसी को उम्मीद है कि तीनों छात्र सुरक्षित लौट आएंगे।
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रात तक नहीं चला छात्रों का पता

गंगा की मुख्य धारा में बहे छात्रों की तलाश में रॉफ्ट उतारी गई। बारी बारी से गंगा में सर्च कर रहे राहत बचावकर्मियों ने दूर तक गंगा को छान मारा लेकिन जल स्तर अधिक होने से कुछ सुराग न लग सका।

देर शाम तक चले अभियान में कोई परिणाम न निकलने पर सर्च ऑपरेशन रोका गया। सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह नेगी ने बताया कि सोमवार सुबह फिर से छात्रों को तलाशा जाएगा।

अधिक जल स्तर बना बाधा
हरिद्वार, गंगा की मुख्य धारा का बढ़ा जल स्तर भी सर्च ऑपरेशन में बाधा बना। जल स्तर अधिक होने पर राहत बचावकर्मियों को भी दिक्कत झेलनी पड़ी। पर्वतीय क्षेत्रों में रह रह कर हो रही बरसात के कारण गंगा इन दिनों उफान पर है। गंगा फिलहाल 292.50 मीटर पर बह रही है। जो खतरे के निशान से महज डेढ़ मीटर कम है। गंगा में खतरे का निशान 294 मीटर पर है।

तीनों प्रथम वर्ष के छात्र
गंगा में बहे तीनों छात्र प्रथम वर्ष के हैं। कौशल जहां बीसीए प्रथम वर्ष में पढ़ रहा है। वहीं सूरज और जगदीश एनिमेशन के एक वर्षीय डिप्लोमा के छात्र हैं।
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