हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न नहीं मिलने पर भारतीय टीम के पूर्व कोच सूबेदार (अप्रा) हरदयाल सिंह ने सख्त नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि आज तक मेजर ध्यानचंद को उचित सम्मान नहीं मिल पाया है। बृहस्पतिवार को आर्मी चीफ की ओर से सम्मान मिलने के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी नाराजगी बयां की।
मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न नहीं मिलने संबंधी सवाल पर वह बेहद उत्तेजित हो गए। कहा कि मेजर ध्यानचंद के साथ तो अन्याय हुआ। साथ ही राजनीति ने भारतीय हॉकी को बर्बाद कर डाला। ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना ही चाहिए। साथ ही साथ कैप्टन रूप सिंह को भी उनका हक मिलना चाहिए। हॉकी के खिलाड़ी भूख व गरीबी से मर रहे हैं।
बुजुर्ग हरदयाल कहते हैं कि हाकी बेहद तकनीकी का खेल है। लिहाजा इसे कमतर मानना शर्मनाक है। हॉकी टीम के पूर्व कोच का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वह हॉकी को रोजगार से जोड़े। बिना आर्थिकी के हॉकी आगे नहीं बढ़ सकती। क्रिकेट की तरह यहां भी सरकार और बड़ी कंपनियों के निवेश की जरूरत है। खिलाड़ियों को अच्छा पैकेज व प्रशिक्षण के दौरान बढ़िया भोजन मिले।