हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी दानिश अहमद की गिरफ्तारी के बाद उसके तार देहरादून से जुड़ने के बाद अब देश की खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दानिश अहमद की कश्मीर में गिरफ्तारी के बाद उसके कई साथी रडार पर है। खुफिया एजेंसी और एसटीएफ हिंदवाडा पुलिस के संपर्क में है।
कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए फेसबुक के अलावा कई व्हाटसअप ग्रुपों को खंगाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार खुफिया तंत्र से जरा सी चूक हो गई, नहीं तो दानिश दून में पकड़ा जाता।
खुफिया एजेंसी और एसटीएफ ने जुटा लिए साक्ष्य
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी संगठन से जुड़े छात्र दानिश अहमद का असली चेहरा सही समय पर उजागर हो गया था।
खुफिया एजेंसी और एसटीएफ ने उसके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा लिए थे। मामला देर रात होने के कारण सुबह कार्रवाई की तैयारी की गई थी।
दानिश खुफिया तंत्र से दो कदम आगे निकला। उम्मीद थी कि परीक्षा होने के कारण दानिश अभी कही जाने वाला नहीं है। वह 26 मई की रात को दून से निकल गया, जबकि टीम उसकी तलाश में 27 की सुबह पहुंची।
दानिश से जुडे़ कई अन्य युवक रडार पर
danish with police
- फोटो : अमर उजाला
कश्मीर पुलिस को विश्वास में लेकर तमाम साक्ष्य उपलब्ध कराए थे, जिसकी आधार पर कार्रवाई यहां तक पहुंची है।
सूत्रों का कहना है कि दानिश से जुडे़ कई अन्य युवक रडार पर हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्यों का संकलन चल रहा है।
आतंकी गतिविधियों में दानिश अहमद के कश्मीर में आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। सोशल मीडिया सहित कई स्तर से इस मामले की जानकारी जरूर मिली है।
- निवेदिता कुकरेती, एसएसपी