सत्ता में आई बीजेपी के इस फैसले से नाराज उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने अब आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया है। पूर्व सीएम हरीश रावत आज विधानसभा के सामने धरने पर बैठेंगे। उनके साथ उनके कई साथी भी धरना देंगे।
दरअसल, संकल्प के बावजूद गैरसैंण में बजट सत्र न कराये जाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में रार छिड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बृहस्पतिवार को विधानसभा के बाहर धरना देंगे।
उधर, इस मुद्दे पर सरकार ने सदन में ही जवाब देने की तैयारी कर ली है। गैरसैंण के मुद्दे के साथ पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में किसानों पर गोलीबारी के मुद्दे को भी शामिल कर लिया है। सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय हरीश रावत ने पोस्ट डाली, ‘कल मेरा धरना होगा धरने की समाप्ति पर मृतक किसानों को श्रद्धांजलि दी जायेगी।’
बता दें कि हरीश रावत गैरसैंण में सत्र न कराये जाने से खासे क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि पूर्व सरकार में विधानसभा ने संकल्प प्रस्ताव पारित किया कि बजट सत्र गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में होगा, मगर भाजपा सरकार ने संकल्प को न मानकर विधानसभा का अपमान किया है। उन्होंने सरकार पर गैरसैंण के प्रति जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया।
हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा के बाहर सांकेतिक उपवास पर बैठेंगे। सभी कांग्रेस कार्यकर्ता होटल हिम पैलेस, नेहरू कालोनी, धर्मपुर देहरादून में एकत्रित होकर विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
उधर, सरकार ने गैरसैंण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की रणनीति बनाई है। ऐसे संकेत हैं कि गैरसैंण पर सरकार की ओर से ही सदन में वक्तव्य आए। सरकार गैरसैंण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की भी सोच रही है।