सरोवर नगरी नैनीताल समेत अधिकतर पर्वतीय जिलों और भाबर में बुधवार को भी बारिश हुई। पिथौरागढ़ जिले में कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बंद हो गया। थल-मुनस्यारी मार्ग पर बनिक के पास तेज उफान वाले नाले ने सड़क का हिस्सा ही बहा दिया। इस कारण इस मार्ग पर सुबह चार घंटे तक यातायात बंद रहा। मलबा आने से पव्वाधार-चौरपाल, पिथौरागढ़-झूलाघाट मार्ग, नाचनी-बांसबगड़ मार्ग पर यातायात बंद हो गया है।
पिथौरागढ़ में बुधवार को सुबह करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। घंटाकरण से पुनेड़ी गांव को जाने वाली सड़क लुंठ्यूड़ा के पास बालिका छात्रावास के सामने धंस गई। सड़क का 10 मीटर हिस्सा गायब हो गया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस छात्रावास की 32 बालिकाओं को यहां से शिफ्ट कर दिया गया है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय के नजदीक मासू और सकुन गांव में आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मासू में हादसे के वक्त घर में मौजूद तीन लोग बाल-बाल बच गए। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मौसम की स्थिति को देखते हुए फिर से अलर्ट जारी किया है। चंपावत जिले के पर्वतीय हिस्से में बुधवार की सुबह जमकर बारिश हुई।
इससे लोगों को उमस से राहत मिली, वहीं लोगों के गर्म कपड़े एक बार फिर बाहर निकल गए। चंपावत में तीन एमएम बारिश रिकार्ड की गई। लोहाघाट में सुबह हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। करीब सात मिलीमीटर बारिश हुई। लोहावती नदी भी उफान पर आ गई। रायनगर चौड़ी गांव में गाड़ेकुंडी को जाने वाला पैदल सीसी मार्ग ध्वस्त हो गया।
ल्यूनघर में बुधवार सुबह करीब आठ बजे बिजली गिरने से दहशत फैल गई। लोगों के इलेक्ट्रानिक उपकरण फुंक गए। कई ग्रामीणों के मकानों और गोशाला को भी नुकसान पहुंचा है। बागेश्वर के कांडा तहसील क्षेत्र में बुधवार सुबह अंधड़ और ओलावृष्टि से फल और सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। आंधी से अनेक पेड़ उखड़ गए हैं। तार टूटने से गांवों में बिजली की आपूर्ति भी ठप पड़ी है।