दो दिन से जल रहे किमोली और सिमली के जंगल
चमोली कर्णप्रयाग में गर्मी का सीजन शुरू होते ही चमोली जिले के जंगलों में आग लगनी शुरू हो गई है। कपीरी पट्टी के किमोली सहित सिमली क्षेत्र के रयाल, कोलाडुंगरी, फलोटा व घूलाड़ि के जंगलों में सोमवार शाम से भीषण आग लगी है। आग से बांज, बुरांश, फनियाट सहित चीड़ के सैकड़ों पौधे जल गए हैं। जबकि पूरे क्षेत्र में चारों तरफ धुआं छाया हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हैं।
लाखों की वन संपदा जल गई
जंगलों में लगी आग से लाखों की वन संपदा जल गई है। गोवर्धन डिमरी, अशोक डिमरी, बीरेंद्र कुमार व जितेंद्र पंवार ने कहा कि वन विभाग प्रतिवर्ष जंगलों में पौधरोपण और आग बुझाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च दिखाता है, इसके बावजूद न तो जंगल में हरियाली आती और न ही आग बुझ पाती है। उन्होंने डीएफओ से जंगलों की सुरक्षा की मांग की।
फायर कर्मियों ने बुझाई जंगल की आग
चमोली गोपेश्वर नए बस स्टैंड के पास जंगल में लगी आग को फायर कर्मियों ने बुझा दी। गनीमत रही कि आग बुझ गई नहीं तो आग यहां घरों तक पहुंच सकती थी। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब सात बजे कुछ महिलाओं ने फायर स्टेशन गोपेश्वर में आकर बताया कि गोपेश्वर के नए बस स्टैंड के पास जंगल में आग लगी हुई है। सूचना पर फायर कर्मी मौके पर पहुंचे और कुछ देर में ही जंगल की आग को काबू कर लिया, जिससे जंगल का बड़ा हिस्सा जलने से बच गया। यहां आसपास लोगों के घर भी हैं, यदि आग तेज हो जाती तो लोगों के घरों को भी नुकसान हो सकता था।