हूटर बजाते शहर में घूम रही कार से एक दूसरी कार का पीछा करने पर हुए विवाद के बाद पुलिस ने दोनों कार का चालान करते हुए सीज कर दिया। लेकिन पुलिस ने हूटर लगी कार व कार पर पुलिस की तरह लिखे गए शब्द पोलाइट को नजर अंदाज करते हुए रविवार को आसानी से छोड़ भी दिया। पुलिस की यह कार्रवाई नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटनाक्रम के मुताबिक शनिवार की देर रात अपनी अल्टो कार में सवार होकर डाकपत्थर पीठ बाजार से सामान लेकर आ रहे तीन युवकों को एक हूटर लगी कार ने दौड़ा लिया। खास बात यह थी कि हूटर बजाने वाली कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। उसके शीशे पर पुलिस की तरह पोलाइट लिखा हुआ था। कार सवार युवक पुलिस की कार समझकर डाक्टरगंज के पास स्थित गणेश मंदिर के समाने रुक गए। जब उन्हें पता चला कि कार में पुलिस नहीं बल्कि अन्य युवक है तो वह उनसे उलझ गए। इसी बीच आसपास के ग्रामीण भी भारी संख्या में जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों कार को कब्जे में लेकर उनका चालान करके सीज कर दिया। लेकिन सुबह होते ही पुलिस ने हूटर लगी कार को छोड़ दिया। उधर दूसरी कार सवार युवकों को जब इसका पता चला तो उन्होंने विरोध जताया। पुलिस ने मौके की नजाकत को भांपते हुए उनकी कार को भी थाने से ही छोड़ दिया। हालांकि आमतौर पर पुलिस सीज किए गए वाहनों की कार्रवाई को कोर्ट भेज देती है लेकिन हूटर व पुलिस की तरह पोलाइट लिखे गए वाहन को थाने से छोड़ने को लेकर क्षेत्र में चर्चा का बाजार भी गर्म है। उधर एसपी देहात कमलेश उपाध्याय ने मामले की जांच करके आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।