हिमालयी क्षेत्रों में हो रहे बदलाव पर अगर जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया तो यह देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को तबाह कर सकता है। इस बात पर अब वैज्ञानिक भी चिंतन करने लगे हैं।
उनका मानना है कि झरने, झील और नदियों के घटते जल स्तर पर वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया है।
यूकॉस्ट के विज्ञान धाम में मंगलवार को ‘हिमालयी क्षेत्रों में वैज्ञानिकों एवं नीति निर्धारकों के बीच उपर्युक्त सामंजस्य तैयार करना है’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारतीय हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन न केवल देश बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है।