मलिन बस्तीवासियों के लिए बने बेसिक सर्विस फॉर पूवर अर्बन फ्लैटों में अब सड़क किनारे लोहार का काम करने वाले भेल बिरादरी के लोग रहेंगे।
मलिन बस्तीवासियों के इन फ्लैटों में शिफ्ट न होने पर निगम यह प्रस्ताव शासन को भेज रहा है। इन लोगों के फ्लैटों में शिफ्ट हो जाने पर शहर की सड़कों से काफी हद तक अतिक्रमण साफ हो जाएगा।
जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहर की मलिन बस्तीवासियों को बीएसयूपी फ्लैट आवंटित किए जाने थे। इसके पीछे केंद्र सरकार की अवधारणा थी कि देहरादून को ‘स्लम फ्री’ करने के साथ ही बिंदाल और रिस्पना नदियों को साफ सुधरा रखा जाए।
लेकिन इसी दौरान राज्य सरकार ने बस्तियों के नियमितीकरण का शासनादेश जारी कर दिया। उसके बाद कोई भी बस्तीवासी इन फ्लैटों में जाने को तैयार नहीं हुआ। ऐसे में ब्रह्मपुरी में करोड़ों की लागत से बने 58 फ्लैट खाली पड़े हैं।