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उत्तराखंडः बारिश से फिर आफत, सड़कें बंद, मलबा घरों में

Sun, 05 Jun 2016 08:26 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादूनब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़-बागेश्वर-हल्द्वानी
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flash enter in houses due to heavy rain - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड के पहाड़ों पर रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। पिथौरागढ़ जिले की कई सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं।
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पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर दो स्थानों में मलबा गिरने से नौ घंटे वाहनों की आवाजाही ठप रही। सातशिलिंग-थल मार्ग पर सुवालेख और देवलथल के पास मलबा आने से यातायात छह घंटे बंद रहा।

पिथौरागढ़-धारचूला हाइवे बंद होने से मुनस्यारी से लौट रहे सेना के 100 वाहनों को ओगला से नारायणनगर होते हुए अस्कोट के लिए भेजा गया। इस रोड पर रणगांव के पास भी भारी मलबा आने से वाहनों की आवाजाही बंद रही।
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उधर कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग धारचूला और तवाघाट के बीच तीन स्थानों पर टूट गया है। तीनतोला, वर्तीगाड़ और मांगती में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही बंद है।
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मलबा पटने से आवाजाही में दिक्कत

cloudburst - फोटो : file photo
टनकपुर-तवाघाट रोड पर कई जगह मलबा पटने से आवाजाही में दिक्कत आ रही है। उधर, कनालीछीना (पिथौरागढ़) के सुवालेख क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मच गई। लोगों का कहना है कि वहां बादल फटने जैसी घटना हुई। बिछुल ग्राम पंचायत में चार मकान मलबे से पट गए हैं।

इन परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट किया गया है। बिछुल गांव को जोड़ने वाले दो पैदल पुल बह गए हैं। इस कारण दो हजार की आबादी वाले इस गांव तक आवाजाही में दिक्कत आने लगी है। कई स्थानों पर पहाड़ियां दरक गई और मलबा गांव तक पहुंच गया। सड़क मार्ग और पैदल रास्ते बंद हो चुके हैं। गांव की पेयजल लाइन टूट गई हैं। बागेश्वर  बागेश्वर में तेज अंधड़ चला जबकि कपकोट में एक घंटे मूसलाधार बारिश हुई।

अगले 36 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ ही ओलावृष्टि की भी संभावना है।
- विक्रम सिंह, निदेशक, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र
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